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भगवत भगवान का तीर्थ है-संत तिलकराम

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24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। आसपुर मार्ग लोहारिया तालाब के सामने स्थित कान्हडदास दास धाम बड़ा रामद्वारा में चातुर्मास में शाहपुरा धाम के रामस्नेही संत तिलकराम ने सत्संग में बताया कि भगत भगवान का तीर्थ है संसार की आशा भगवान के चरण में अर्पण कर देने से पूर्ण हो जाती है ।
संत ने कहा भगवान के सुमिरण से संसार की वासना समाप्त हो जाएगी । काम के पीछे माया व सुमिरण के पीछे राम का आनंद है । भय ,दुःख, पीड़ा शरीर को आता है ,आत्मा को नहीं आत्मा ही परमात्मा है वह सुख से रहती है । संसार की घड़ी चलती है इसमें कौन सा समय खराब आ जाए पता नहीं लोभ से पाप बढ़ता है । इस संसार में सभी को कोई ना कोई तकलीफ होती है सूर्य, चंद्र को ग्रहण लगने से भी तकलीफ होती है । संत ने कहां की भगवान शिव का नाम स्मरण करने से मन वाणी और बुद्धि शुद्ध होती है । जीवन में क्रोध, मोह और अहंकार समाप्त होते हैं । भक्ति ,ज्ञान और वैराग्य बढ़ता है । व्यक्ति सुख ,शांति और समृद्धि की और बढ़ता है । शिव महापुराण की शरण में जीवन को धन्य बन जाता है। यह ग्रंथ सात संहिताओं और 24 हजार श्लोकों में समाहित है जिसमें सभी शास्त्रों का सार है । कलयुग के दोषों से मुक्ति दिलाता है मृत्यु लोक में शिव बैठे हैं । संसार के दुःखों से छुटकारा दिलाने में सहायक है शिव की कृपा अनंत है । जो इसे अनुभव करता है वह जीवन में सुख भोंगते हुए अंत में शिवलोक को प्राप्त करता है । शिव महापुराण ग्रंथ धर्म ,अर्थ ,काम और मोक्ष देने वाला है । आत्मा की शुद्धि का यह श्रेष्ठ साधन है । प्रवक्ता बलदेव सोमपुरा ने बताया कि शनिवार को श्री राम भक्त महिला मंडल के तत्वाधान में श्री 108 रामायण मनका पाठ शाम 5 बजे से 7 बजे तक होगा। संध्याकालीन आरती में शिव मंत्रो का वाचन भी भक्तों द्वारा किया जा रहा है । संत प्रसाद लक्ष्मणलाल गर्ग परिवार का रहा सत्संग में नाथू परमार , विष्णु भावसार, अनिल सोनी, सुरेंद्र शर्मा के अतिरिक्त संगीता सोनी, प्रेमलता सुथार, ज्योशना शर्मा, प्रेमलता पंचाल, सविता भावसार, मिटी परमार, कौशल्या सेवक सहित भक्त उपस्थित रहे।

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