24 News Update जयपुर. राजस्थान में आबादी क्षेत्रों में टाइगर और लेपर्ड की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सरकार अब आमजन के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर 1926 शुरू करने जा रही है। इस नंबर पर कॉल कर गांव, कस्बे या शहर में जंगली जानवर के घुसने की तुरंत सूचना दी जा सकेगी। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान यह जानकारी वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने सदन में दी।
पूर्व मंत्री एवं जयपुर विधायक कालीचरण सराफ द्वारा उठाए गए सवाल के जवाब में वन राज्य मंत्री ने बताया कि फिलहाल जंगली जानवर आबादी क्षेत्र में आने पर लोग 100 नंबर पर कॉल करते हैं, जिससे समय नष्ट होता है और तब तक मौके पर भीड़ जमा हो जाती है। इसी देरी को खत्म करने के लिए सरकार अब 1926 हेल्पलाइन शुरू कर रही है, जो सीधे वन विभाग से जुड़ी होगी।
वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने सदन को बताया कि टाइगर या लेपर्ड के आबादी क्षेत्र में आने पर अब महाराष्ट्र की तर्ज पर विशेष प्रोटोकॉल लागू किया जाएगा। जिस क्षेत्र में जंगली जानवर की मौजूदगी होगी, उसके आसपास करीब पांच किलोमीटर के दायरे में अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। आमजन को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जाएगी, ताकि किसी प्रकार की जन-हानि न हो और वन्यजीव भी आक्रामक न हों।
विधायक कालीचरण सराफ ने अपने सवाल में कहा कि जयपुर सहित कई शहरों में लेपर्ड के आबादी क्षेत्र में घुसने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन आमजन को यह जानकारी नहीं होती कि ऐसी स्थिति में किससे संपर्क किया जाए। लोग पहले 100 नंबर पर फोन करते हैं, वहां से अलग-अलग नंबर बताए जाते हैं और इसी दौरान भीड़ इकट्ठा हो जाती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।
पूरक प्रश्न में विधायक ने महाराष्ट्र मॉडल का हवाला देते हुए बताया कि वहां जंगली जानवर के घुसते ही तय दायरे में सख्त प्रोटोकॉल लागू कर लोगों की आवाजाही रोकी जाती है। इस सुझाव की सराहना करते हुए वन राज्य मंत्री ने कहा कि राजस्थान में भी इसी तर्ज पर आगे रेस्क्यू और नियंत्रण की कार्यवाही की जाएगी।
वन राज्य मंत्री संजय शर्मा ने बताया कि 1926 हेल्पलाइन प्रक्रियाधीन है और इसे एक माह के भीतर शुरू कर दिया जाएगा। इसके बाद प्रदेश में टाइगर और लेपर्ड से जुड़े मामलों में त्वरित सूचना, समन्वय और कार्रवाई संभव हो सकेगी।

