उदयपुर। लगातार प्लास्टिक स्टॉक पर हो रही कार्रवाइयों के बीच अब हालत ये हो गई है कि नगर निगम के अफसर छोटे मोटे ठेला व्यवसाइयों आदि पर कार्रवाई करके सुर्खियां बंटोर कर अपनी पीठ थपथपाना चाहते हैं। उनको लगता है कि जनता में वाहवाही हो जाएगी कि कार्रवाइयां करके प्रतिबंधित श्रेणी का प्लास्टिक जब्त कर लिया। मगर लगातार कार्रवाइयों के बाद यह तो साफ हो गया है कि उदयपुर के अफसर गुजरात में छिपे प्लास्टिक राक्षसों पर कार्रवाई का नाम आते ही बुरी तरह से डर जाते हैं। नाम तक नहीं लेते कि अधिकतर प्लास्टिक की थोक खेप गुजरात की फेक्ट्रियों से आ रहा है जहां पर बना हुआ जहर हम उदयपुरवासियों ही नहीं पूरे के पूरे राजस्थान के लोगों के जीवन में जहर घोल रहा है। गुजरात से माल उदयपुर तक कैसे आता है, कहां से आता है, कौन दलाल है, क्या उनक कड़ियों को जोड़ते हुए प्लास्टिक राक्षसों तक पहुंचना उदयपुर के जिला प्रशासन के लिए बडी बात है?? शायद बिल्कुल भी नहीं। आजकल के विजिलेंस सिस्टम में तो यह और भी बहुत आसान सी बाता है कि सीसीटीवी देख कर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का प्रयोग करके आसानी अवैध प्लास्टिक के थोक कारोबार को ध्वस्त ही नहीं नेस्तानाबूत किया जा सकता है। इसके लिए एक छोटी सी सर्जिकल स्ट्राइक की जरूरत है। ना रहेगा बांस और ना बजेगी बार बार बांसुरी। उदयपुर के अफसरों को भी अवैध प्लास्टिक के जहरीले कारोबार को नष्ट करने के बाद रोज रोज की कार्रवायों से मुक्ति मिल जाएगी और वे वो सब काम कर सकेंगे जिनके लिए उनके वास्तव में जनता के टेक्स के पैसों से तनख्वाह मिलती है। मगर ऐसा किया नहीं जा रहा है तो कई सवाल उठ खड़े हो रहे हैं कि क्या गुजरात सहित अन्य किसी जगह से आने वाले थोक प्रतिबंधित प्लास्टिक के कारोबारियों के राजनेताओं व अफसरों से कहीं गहरे गठजोड़ तो नहीं हैं जिनके चलते बड़ी मछलियों पर हाथ डालने से गुरेज किया जा रहा है?? कहीं किसी का प्रभाव तो काम नहीं कर रहा है,, यह चिंता का विषय हो सकता है। बहरहाल आज राजस्थान दिवस समारोह स्वच्छता सफ्ताह के बहाने शहर वासियों को सिंगल युज प्लाटिक के खिलाफ जागरूक किया गया और आयुक्त के निर्देश पर 51.5 किलो पोलीथीन जब्त कर लगाया 24000 का जुर्माना लगाया गया। सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने के लिए विशेष जागरूकता अभियान के तहत नगर निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना के निर्देश पर निगम के विभिन्न सेक्टरों में स्वास्थ्य शाखा की टीमों ने कार्रवाई करते हुए दुकानदारों एवं आमजन को सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने के लिए जागरूक किया। 10 सेक्टरों में संयुक्त रूप से प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ जनजागरण एवं कार्रवाई की गई। इस दौरान दुकानों, ठेलों एवं अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग एवं पॉलीथीन के उपयोग की जांच की गई। निगम टीमों ने मौके पर ही लोगों को पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और कपड़े अथवा कागज के बैग उपयोग करने की अपील की। अधिकारी सत्यनारायण शर्मा स्वास्थ्य निरीक्षक सुभाष चंद्र शर्मा के द्वारा की गई कार्रवाई के दौरान कुल 51.5 किलो प्रतिबंधित पॉलीथीन जब्त की गई। प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग का उपयोग कर नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर नगर निगम द्वारा 24 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना लगाते ही यह भी पूछ लेते कि माल कहां से लिया व उस माल बेचने वाले ने बाहर से कहां से माल मंगवाया, किस फैक्ट्री में बना तो स्थितियां खुद ब खुद स्पष्ट हो जातीं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation कृषि विश्वविद्यालयों के पेंशनर्स का वार्षिक अधिवेशन: स्थायी समाधान के लिए पांचों कृषि विश्वविद्यालयों को एकजुट होने की जरूरत, 450 से अधिक पेंशनर्स शामिल, 139 वरिष्ठ पेंशनरों का सम्मान कोटा पुलिस का 25 हजार और गुजरात पुलिस का 5 हजार का इनामी बदमाश उदयपुर से दबोचा