24 news update भीलवाड़ा. काशी विश्वनाथ के मणिकर्णिका मंदिर की तर्ज पर श्मशान में अनोखी होली खेली जाएगी। आज रात 9.15 बजे चिता की भस्म से सालों पुरानी परंपरा को निभाया जाएगा, जो मध्य रात्रि तक चलेगी। शहर के नजदीक हरणी गांव में करीब 50 साल पहले होलिका दहन के दौरान एक हादसा हो गया। इसके बाद से ग्रामीणों ने यहां होली का दहन नहीं करने का निर्णय लिया और पर्यावरण के संरक्षण के लिए एक अनूठी मिसाल भी कायम की। अग्रवाल उत्सव भवन में वैदिक होलिका दहन किया जाएगा । पूरी तरह से इको फ्रेंडली होली में गोबर के कंडों का उपयोग किया जाएगा साथ ही पर्यावरण और वातावरण को शुद्ध करने के लिए कपूर और हवन सामग्री का उपयोग कर विधि विधान से होलिका दहन किया जाएगा। श्मशान में खेली जाएगी चिता की राख से होली इस खास होली का आयोजन आज शहर के पंचमुखी मोक्षधाम में श्री प्राचीन मसानिया भैरव नाथ मंदिर में होगा ।भक्त आधी रात तक एक- दूसरे को चिता की भस्म लगाएंगे। इस मौके पर गुलाल और रंग का उपयोग नहीं होगा और पूरी रात भैरव बाबा की आराधना और मसानिया होली के साथ पूरी की जाएगी। मसानिया होली से पहले श्मशान में भैरव बाबा की सवारी भी निकाली जाएगी।श्रद्धालुओं का मानना है कि चिता की भस्म से होली खेलने पर भैरू बाबा उनके सभी दुख, कष्ट, रोग और सारी बाधाएं हर लेंगे, इसलिए भैरव बाबा की सवारी में सभी भक्ति भाव में लीन होकर भस्म के साथ होली खेलने की सभी तैयारियां पूरी की गई। सोने के प्रहलाद और चांदी की होलिका का किया जाएगा पूजन करीब 50 साल पहले होलिका दहन के दौरान एक चिंगारी से गांव में आग लग गई थी। इस दौरान कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन गांव वालों को काफी नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बाद पूरे गांव के ग्रामीणों ने आपस में चर्चा की। जिसमें सर्व सहमति से होलिका दहन नहीं करने का निर्णय लिया। इसके बाद होलिका दहन करने की लंबे समय से चली आ रही परंपरा के स्थान पर चांदी की होलिका और सोने के प्रहलाद बनवा कर उनके पूजन करने का फैसला लिया गया। गांव वालों ने आपसी सहयोग से एक चांदी की होलिका और सोने का प्रहलाद बनवाया। आज संध्या आरती के समय शुभ मुहूर्त में गांव में 500 साल पुराने श्री हरणी श्याम मंदिर से चांदी की होलिका और सोने के प्रहलाद की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां इकठ्ठा होंगे ढोल नगाड़े बजेंगे और पूरे विधि विधान से होलिका दहन स्थल तक लाने के बाद होलिका और प्रह्लाद की पूजा अर्चना की जाएगी और उन्हें फिर से इस मंदिर में रख दिया जाएगा। लोग आपस में एक दूसरे को होली की बधाइयां देंगे। कल रंगोत्सव पर्व को बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। 11,000 कंडों से निर्मित होलिका का दहन श्री अग्रवाल समाज संपत्ति ट्रस्ट द्वारा गोबर कंडो से बनी वैदिक होलिका दहन अग्रवाल उत्सव भवन, रोडवेज बस स्टैंड के सामने पर किया जाएगा। पर्यावरण की सुरक्षा व गौपालन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विगत वर्षों की तरह इस बार भी गोबर निर्मित 11 हजार कंडो का उपयोग होलिका बनाने के लिए किया गया है। यह होली पूरी तरह से ईको फ्रेंडली है और किसी भी तरह की प्लास्टिक, रबड़ आदि हानिकारक वस्तुओं का प्रयोग इसके निर्माण में नहीं किया गया है।विभिन्न रंगों की हर्बल गुलाल का प्रयोग कर होलिका को सुंदर व आकर्षक रूप दिया गया है। कपूर व अन्य हवन सामग्री भी होलिका में डाली गई है जिससे वातावरण शुद्धिकरण व मौसमी बीमारियों से बचाव हो सके। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation एक तरफ हाईटेंशन लाइन, दूसरी तरफ श्मसान, बीच में पेट्रोल पम्प, हाईकोर्ट ने लगायी स्थायी रोक, कहा-दूसरी जगह देखो खारवाल खारोल समाज नवाचार सृजित कर सामाजिक सरोकारो को देगा बढ़ावा : सत्यनारायण खारवाल