उदयपुर, 22 फरवरी। सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीसीआरटी), नई दिल्ली द्वारा लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में महानाट्य “कर्मयोगिनी माता अहिल्या” का भव्य मंचन रविवार शाम 6 बजे सीसीआरटी क्षेत्रीय केंद्र, हवाला खुर्द, बड़गाँव में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। राजस्थान की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और मेवाड़ की गौरवशाली धरती पर आयोजित इस ऐतिहासिक प्रस्तुति ने माता अहिल्याबाई के त्याग, सेवा, सुशासन और लोककल्याणकारी दृष्टि को जीवंत रंगमंचीय भाषा में साकार कर दिया। महानाट्य में उनके बाल्यकाल से लेकर सम्पूर्ण शासनकाल तक की जीवन-यात्रा को प्रभावशाली नाट्य रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। इतिहास और संवेदना का संगम प्रस्तुति में सामाजिक समरसता, धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के पुनर्निर्माण, न्यायप्रिय प्रशासन और नारी सशक्तिकरण के उच्च आदर्शों को संवेदनशीलता और गरिमा के साथ मंचित किया गया। शास्त्रीय रंगमंच, लोकनृत्य, प्रभावशाली संवाद, सजीव संगीत और आकर्षक मंच-सज्जा के समन्वय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गरिमामयी उपस्थिति कार्यक्रम में जनार्दन राय नगर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति कर्नल प्रो. एस. एस. सारंगदेवोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में बी. आर. भाटी (सेवानिवृत्त एडीएम), प्रो. मोहन प्रकाश शर्मा, डॉ. प्रेम भंडारी, ओम प्रकाश शर्मा और दिनेश कोठारी शामिल रहे। इस अवसर पर सीसीआरटी के अध्यक्ष डॉ. विनोद नारायण इंदुरकर की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में तैयार इस महानाट्य की सभी ने मुक्त कंठ से सराहना की। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद् और बड़ी संख्या में कला-प्रेमी उपस्थित रहे। सशक्त अभिनय से जीवंत हुआ मंच महानाट्य में सारा शर्मा ने माता अहिल्याबाई होल्कर की भूमिका निभाई, जबकि प्रियंका वर्मा (बाल्यकाल), कनक वर्मा (गौतम बाई होल्कर), आदित्य वर्मा (माले राव होल्कर), सिद्धार्थ (मल्हार राव होल्कर) और पियूष गंभीर (खांडेराव होल्कर) सहित कुल 41 कलाकारों ने अपनी सशक्त अभिनय प्रतिभा से मंच को जीवंत कर दिया। समन्वय से सफल आयोजन सीसीआरटी के उप-निदेशक सह कार्यक्रम समन्वयक श्री आशुतोष, महानाट्य की लेखिका एवं क्षेत्राधिकारी डॉ. जुलेशा सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी अभीक सरकार, देवाराम मेघवाल, अनुज बाजपेयी एवं चंद्रमौली के समन्वयात्मक प्रयासों से यह आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, प्रभावशाली और स्मरणीय सिद्ध हुआ। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में बी.पी. डे पर सर्वधर्म प्रार्थना, स्काउट-गाइड्स ने मनाया जन्मोत्सव साइट दिखाने के बहाने ठेकेदार का अपहरण, 10 लाख की फिरौती मांगी , पैसा भेजते समय भेजा खतरे का संदेश, पुलिस ने बचाई जान