उदयपुर। उदयपुर के सवीना थाना इलाके में ठेकेदार का साइट विज़िट के बहाने अपहरण कर लिया गया और फिरौती वसूली गई। यही नहीं, जंगल में ले जाकर मारपीट के बाद उसे जान से मारने का भी प्रयास हुआ। ठेकेदार की सूझबूझ से समय रहते पुलिस पहुंच गई और जान बच गई। बताया गया कि 39 वर्षीय ठेकेदार मांगीलाल कलाल उर्फ मगन कलाल को सरकारी अध्यापक के मकान की साइट दिखाने और एग्रीमेंट करवाने के बहाने बुलाया। रास्ते में मारपीट कर अगवा किया गया और जंगल में बंधक बनाकर 10 लाख रूपए की फिरौती मांगी गई। जान बचाने के लिए दबाव में आकर ठेकेदार से 40 हजार ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए और 5.90 लाख का हिसाब बनाकर जबरन हस्ताक्षर करवा लिए। फोन कॉल से शुरू हुई साजिश एफआईआर के अनुसार 21 फरवरी सुबह 6:50 बजे परिचित बहादुर चारपोटा का ठेकेदार के पास फोन आया कि जयसमंद क्षेत्र में साइट दिखानी है। पार्टी छुट्टी लेकर आपका इंतजार कर रही है। बहादुर से ठेकेदार की 10 साल पुरानी पहचान होने व व्यावसायिक ताल्लुकात होने पर ठेकेदार ने हामी भर दी। वह अपनी कार से पहले गुप्तेश्वरजी पर चल रही अपनी साइट गया और फिर करीब 8:30 बजे जयसमंद के लिए रवाना हुआ। रास्ते में बहादुर का एक व्यक्ति साथ हो लिया। जयसमंद पाल के पास दो बाइक सवार मिले, जिन्होंने साइट दिखाने के नाम पर करीब दो किमी अंदर सुनसान रास्ते पर ले जाकर गाड़ी रुकवाई। वहां पहले से 4–5 लोग मौजूद थे। शक जताने पर ठेकेदार ने पूछताछ की तो उससे मारपीट कर दी, गला दबाया गया, कपड़े फाड़े गए और हाथ-पैर बांधकर दूसरी गाड़ी में डाल दिया गया। गले पर धारदार हथियार रखकर जान से मारने की धमकी दी गई। नाकाबंदी में बताया पागल रास्ते में सलूंबर के पास नाकाबंदी पर पूछताछ के दौरान अपहरण करने वालों ने पीड़ित को पागल बताकर वाहन को पार करवा लिया। इस बीच पीडित का मोबाइल छीन लिया गया। आरोप है कि उसे आगे डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा उपखंड के सरोदा थाना क्षेत्र में बुचिया बारा गांव के एक सुनसान मकान में बंधक बनाकर रखा गया। वहां 10 लाख की मांग की गई। रकम न होने पर 5.90 लाख का कथित बकाया हिसाब कोरे कागज पर बनाकर स्टाम्प पर लिखवाने का दबाव डाला गया। सुझबूझ से भेजा संदेश, बच गई जान पैसा भेजने की बात कहने पर पीड़ित ने अपना मोबाइल मांगा व कहा कि पैसे के लिए परिचित से संपर्क करना होगा। इसके बाद मौका मिलते ही पीड़ित ने पैसा भेजने का संदेश देने के दौरान ही अपने परिजनों—भाई जितेंद्र, मौसेरे भाई अधिवक्ता जगदीश कलाल और परिचित रोनक बंसल—को लोकेशन और खतरे का संदेश भेज दिया। लिखा कि उसकी जान खतरे में है। पैसा भेज दें व उसकी जान बचा लें। पहले एक खाते में 2 लाख डालने की कोशिश असफल रही। बाद में दूसरे खाते अर्थात दीपक महीडा के फोन-पे नंबर पर 40 हजार रूपए ट्रांसफर किए गए।इस बीच परेशान हुए परिजनों ने पुलिस के इमरजेंसी नंबर 112 पर सूचना दी। सरोदा थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोपहर करीब 2 बजे से 2:30 बजे मौके पर पहुंच ठेकेदार को मुक्त कराया। आरोपियों को हिरासत में लिया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धाराएँ 140(3) (लूट/डकैती से संबंधित गंभीर अपराध), 127(2) (अवैध बंधन), 115(2) (चोट) और 3(5) (साझा आपराधिक आशय) के तहत सवीना थाने में प्रकरण दर्ज हुआ है। अनुसंधान की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी को सौंपी गई ठेकेहै। पुलिस अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, व्हाट्सऐप चैट, ऑनलाइन ट्रांजेक्शनऔर नाकाबंदी बिंदु के रिकॉर्ड खंगाल रही है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर में गूंजा इतिहास: 300वीं जयंती पर “कर्मयोगिनी माता अहिल्या” महानाट्य का भव्य मंचन 24 फरवरी को राणा प्रतापनगर स्टेशन से ही चलेंगी ये सभी ट्रेनें, ये चलेंगी विलंब से देखें शेड्यूल…