24 News update मुंबई/अहमदाबाद। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (HSR) परियोजना में एक ऐतिहासिक इंजीनियरिंग सफलता हासिल की है। 4.8 किलोमीटर लंबे साबरमती सुरंग खंड के निर्माण में आज दोनों तरफ से खुदाई पूरी हो गई और दोनों टीमें सफलतापूर्वक जुड़ गईं। यह सुरंग समुद्र के नीचे बनने वाली भारत की पहली सुरंग है, जो मुंबई और ठाणे को जोड़ेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने परियोजना टीम को बधाई देते हुए कहा, “यह एक ऐतिहासिक क्षण है। चुनौतीपूर्ण खाड़ी पार करके यह सुरंग मुंबई-ठाणे के बीच हाई-स्पीड रेल का मार्ग तय करेगी।” 🏗️ परियोजना की प्रगति 320 किलोमीटर लंबा वायडक्ट (पुल) पूरा हो चुका है सभी स्थानों पर स्टेशन निर्माण कार्य तीव्र गति से जारी है नदी पुलों का निर्माण व्यवस्थित रूप से प्रगति पर है साबरमती सुरंग का निर्माण पूरा होने वाला है रेल मंत्री ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में पिछली सरकार द्वारा हुई देरी को दूर करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। 💡 तकनीकी नवाचार एकल सुरंग तकनीक का उपयोग, जिसमें दो बुलेट ट्रेनें एक ही सुरंग में समाहित हों वायडक्ट निर्माण में 40 मीटर लंबे गर्डर तैनात जापानी विशेषज्ञों ने डिज़ाइन उत्कृष्टता और तकनीकी नवाचार की विशेष प्रशंसा की भारत को उन्नत तकनीकी ज्ञान और प्रशिक्षण प्राप्त हुआ 🚄 परिचालन और सेवा पहला खंड: सूरत से बिलिमोरा, 2027 तक चालू होने की संभावना प्रारंभिक आवृत्ति: व्यस्त समय में हर 30 मिनट चरण 2: परिचालन स्थिर होने पर हर 20 मिनट भविष्य में विस्तार: मांग बढ़ने पर हर 10 मिनट लोको पायलट और रखरखाव कर्मचारियों के लिए जापान में प्रशिक्षण सुरक्षा मानक सुनिश्चित करने के लिए उन्नत सिमुलेटर और NATM तकनीक का उपयोग 💰 आर्थिक और सामाजिक लाभ मुंबई-अहमदाबाद यात्रा समय घटकर केवल 2 घंटे 7 मिनट अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, वापी और मुंबई को एकीकृत आर्थिक गलियारे में जोड़ना औद्योगिक विकास और व्यावसायिक विस्तार को गति देना मध्यम वर्ग के लिए किफायती किराया सुनिश्चित करना रेल मंत्री ने कहा कि यह परियोजना भारत में भविष्य के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के लिए एक आदर्श मॉडल साबित होगी। 🌊 चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग समुद्री पारिस्थितिकी और आसपास की संरचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित ग्राउंड सेटलमेंट मार्कर, पीज़ोमीटर, इनक्लिनोमीटर और स्ट्रेन गेज का उपयोग अत्याधुनिक इंजीनियरिंग और वैश्विक मानकों के अनुरूप निर्माण यह ऐतिहासिक परियोजना प्रधानमंत्री मोदी के विश्वस्तरीय बुनियादी ढाँचे के दृष्टिकोण को साकार कर रही है और भारत को हाई-स्पीड रेल तकनीक में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation हरियाणा में मोबिक्विक से 40 करोड़ का फर्जी ट्रांजैक्शन, नूंह-पलवल के कई यूजर बने लखपति; 6 गिरफ्तार, 2500 खाते फ्रीज दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा – व्यभिचार अपराध नहीं, लेकिन पत्नी हर्जाना मांग सकती है