24 News Update अजमेर। जिस जेल को हाई सिक्योरिटी कहा जाता है, वहां अगर स्मार्ट वॉच मिल जाए—तो सवाल कैदियों पर नहीं, सिस्टम पर उठता है। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में हुई ताजा कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि राजस्थान की जेलें अब सिर्फ बंदियों को नहीं, बल्कि गैंग नेटवर्क, टेक्नोलॉजी और लापरवाही को भी शानदार सुरक्षित शरण दे रही हैं। प्रशिक्षु आईपीएस अजय सिंह के नेतृत्व में जब जेल में तलाशी अभियान चला, तो तस्वीर चौंकाने वाली निकली। एक वार्ड में बंद हार्डकोर कैदियों के पास से दो स्मार्ट वॉच, सिम सहित इलेक्ट्रॉनिक गैजेट बरामद हुए। यानी जिन हाथों में हथकड़ी होनी चाहिए, वहां डिजिटल डिवाइस थे—और सिस्टम को भनक तक नहीं।इस मामले में पुलिस ने अब रोहित गोदारा और लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े पांच और आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में सुनील, पिंटू, अभिषेक, सुमित और रामवीर शामिल हैं। इससे पहले पुलिस सचिन उर्फ संदीप थापन (पंजाब), दिनेश डागर (चूरू) और गुलजारी (सीकर) को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। सभी से सघन पूछताछ जारी है।जेल में स्मार्ट वॉच, बाहर स्मार्ट चुप्पीविडंबना यह है कि ये कोई पहली घटना नहीं है। पिछले एक साल में राजस्थान की कई जेलों से मोबाइल, सिम, चार्जर, ब्लूटूथ डिवाइस और अब स्मार्ट वॉच तक बरामद हो चुकी हैं। बीकानेर जेल में गैंगस्टर मोबाइल से फिरौती कॉल करते पकड़े गए, सीकर और श्रीगंगानगर जेलों में जेल के भीतर से अपराध संचालन के मामले सामने आए, और अब अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल, जहां हाई सिक्योरिटी सिर्फ बोर्ड तक सीमित दिखी, हर बार जांच बैठती है, कुछ कर्मचारी निलंबित होते हैं, एफआईआर दर्ज होती है—और फिर सिस्टम दोबारा रीस्टार्ट हो जाता है।असल सवाल: गैजेट आखिर आए कैसे?जेल के अंदर स्मार्ट वॉच का पहुंचना कोई जादू नहीं। या तो निगरानी ढीली है, मिलीभगत गहरी है, या फिर सिस्टम इतना जर्जर है कि अपराधी उससे एक कदम आगे चल रहे हैं। जब गैंगस्टर जेल के भीतर बैठकर नेटवर्क चला रहे हों, तो जेल सुधार नहीं बल्कि क्राइम कंट्रोल रूम बन जाती है। हाई सिक्योरिटी जेलों में अगर कैदी कदम-कदम पर डिजिटल हैं, तो आम नागरिक की सुरक्षा किस भरोसे पर है? यह सिर्फ एक जेल का मामला नहीं, यह पूरे कारागार तंत्र की साख का सवाल है। दिखावटी छापों की नहीं, टेक्नोलॉजी से लैस निगरानी की, और अंदर के नेटवर्क को तोड़ने की, वरना अगली बार खबर यह नहीं होगी कि जेल से स्मार्ट वॉच मिली, बल्कि यह होगी कि जेल से ही अगला अपराध ऑपरेट हो गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation मराठा कॉलोनी बापूनगर भीलवाड़ा में बामसेफ एवं सहयोगी संगठनों का एक दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न कुएं में गिरे भालू का रेस्क्यू बना आफत: जंगल की ओर भागते हुए महिला पर कर दिया हमला