- फर्जी कंपनियां बनाकर निवेश के नाम पर करता था वसूली, 43 हजार का है इनामी
24 News Update जयपुर 9 अप्रैल। धौलपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 6 साल से फरार चल रहे ठगी के मास्टरमाइंड और 43 हजार रुपये के इनामी अपराधी अमित गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने 200 से अधिक लोगों के साथ करीब 12.69 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी और प्रवर्तन निदेशालय भी लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी।
राजस्थान के धौलपुर, जयपुर और उदयपुर में ठगी का जाल बिछाकर पिछले 6 वर्षों से गायब चल रहे शातिर अपराधी अमित गौतम को धौलपुर पुलिस ने दिल्ली के लाजपत नगर से धर दबोचा है। आरोपी अमित गौतम पुत्र सुभाष गौतम शास्त्री नगर धौलपुर का निवासी है, पर भरतपुर रेंज आईजी की ओर से 40,000 रुपये और जयपुर पश्चिम पुलिस की ओर से 3,000 रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर भरतपुर रेंज आईजी श्री कैलाश चन्द विश्नोई के मार्गदर्शन और धौलपुर एसपी श्री विकास सांगवान के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। एसपी सांगवान ने एडिशनल एसपी श्री वैभव शर्मा के सुपरविजन और सीओ श्री कृष्णराज जांगिड के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की थी, जिसमें निहालगंज थानाधिकारी अमित शर्मा, उ.नि. हरेन्द्र सिंह और साइबर सेल प्रभारी नरेन्द्र सिंह शामिल थे।
ठगी का हाई-प्रोफाइल तरीका
आरोपी अमित गौतम ने उदयपुर से एम.फार्मा किया हुआ था, जिसके कारण उसकी मेडिकल क्षेत्र में अच्छी पकड़ थी। उसने अपने साथी अरुण अग्रवाल के साथ मिलकर वैभव एंटरप्राइजेज और रूटवाइज लॉजिस्टिक्स जैसी 7 फर्जी फर्में बनाईं।
आरोपी खुद को बड़ा इन्वेस्टर दिखाने के लिए महंगी गाड़ियां, लाखों की घड़ियां और महंगे मोबाइल का इस्तेमाल करता था। उसके मुख्य निशाने पर हाई-प्रोफाइल डॉक्टर, इंजीनियर और बड़े व्यापारी होते थे।
वह कम समय में पैसा दोगुना करने और जमीन निवेश के नाम पर लोगों को फंसाता था। जिन लोगों के पास निवेश के लिए पैसे नहीं होते थे, उन्हें वह खुद बैंक जाकर कई शाखाओं से एक साथ बड़ा लोन भी दिलवा देता था।
ऐसे चला गिरफ्तारी का जाल
साइबर सेल धौलपुर पिछले 6 महीनों से जयपुर, उदयपुर और दिल्ली में इनपुट जुटा रही थी। इस कार्यवाही में कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह की विशेष भूमिका रही, जिन्होंने संदिग्ध स्थानों पर जाकर रेकी की। आरोपी दिल्ली में छिपकर मेडिकल स्टोर और लैब चलाने का काम करने लगा था। टीम ने उसे पकड़ने के लिए बेहद गोपनीय तरीका अपनाया। पुलिसकर्मी मरीज बनकर लैब पहुंचे और अपने ब्लड सैंपल तक दिए ताकि आरोपी की पहचान पुख्ता की जा सके।
आरोपी हमेशा डॉक्टर वाला कोट और मास्क पहनकर रहता था, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसे लाजपत नगर दिल्ली के सी ब्लॉक से दबोच लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है, जिससे कई अन्य बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
आरोपी के खिलाफ राजस्थान के विभिन्न जिलों में 20 गंभीर मामले लंबित हैं जिनमे जयपुर के चित्रकूट और मानसरोवर थानों में करोड़ो की धोखाधड़ी के करीब 15 मामले, उदयपुर के भूपालपुरा थाने में 6.57 करोड़ और 62.50 लाख के दो बड़े मामले, धौलपुर के निहालगंज थाने में धोखाधड़ी के मुकदमे शामिल है।
ईडी जयपुर ने भी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर रखा था और उसकी तलाश में थी। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली विशेष टीम में एसएचओ निहालगंज अमित शर्मा, एसआई हरेन्द्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी हेड कांस्टेबल नरेन्द्र सिंह, कांस्टेबल हरवेन्द्र सिंह (विशेष भूमिका), दिनेश और निलेन्द्र शामिल थे।

