24 News Update उदयपुर। कुश्ती और शस्त्र कला के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने वाले देश के प्रसिद्ध उस्ताद स्वर्गीय अर्जुन राजोरा की पांचवीं पुण्यतिथि पर 14 अप्रैल को स्वरूप सागर स्थित अर्जुन उस्ताद अंतरराष्ट्रीय कुश्ती हॉल में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पहलवानों और गणमान्य नागरिकों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर पहलवानों द्वारा हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया तथा पारंपरिक शस्त्रों के साथ सलामी देकर उस्ताद को नमन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया द्वारा अर्जुन उस्ताद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए की गई। उन्होंने बताया कि उस्ताद ने न केवल कुश्ती बल्कि सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए।
भारतीय खेल प्राधिकरण के कुश्ती प्रशिक्षक डॉ. हरीश राजोरा ने उस्ताद के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से कुश्ती को नई दिशा और पहचान मिली, जिससे अनेक युवा पहलवानों को प्रेरणा मिली है।
पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित स्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में विजेता पहलवानों का सम्मान भी किया गया। कार्यक्रम में जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष एवं निवर्तमान उप महापौर पारस सिंघवी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष फतह सिंह राठौर सहित मनोहर चौधरी, धीरेंद्र सिंह सचान, अरुण टांक, मांगीलाल कटारिया, कुसुम पंवार, राजेंद्र सिंह भाटी, दीपक राजोरा, देवेंद्र साहू, शकील हुसैन, पहलाद चौहान, सिद्धार्थ शर्मा, गजेंद्र भंडारी, संजीव मलिक, डॉ. धर्मेंद्र राजोरा, अभिषेक जैन, प्रेम उस्ताद, यशवंत चौधरी, विवेक नागदा, भारत राजोरा, महेंद्र राजोरा, रवि चौहान, अजय मोदी, प्रांजल रावत, नारायण शर्मा सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं पहलवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम की जानकारी डॉ. हरीश राजोरा द्वारा दी गई।
पांचवी पुण्यतिथि पर अर्जुन उस्ताद को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

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