13वां एंडो डायाकॉन (ENDO DIACON) राष्ट्रीय सम्मेलन 17–18 जनवरी को उदयपुर। मधुमेह, हार्मोन एवं जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के उपचार क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी बदलाव की आहट के बीच एमएमएस एंडोक्राइन एवं डायबिटीज रिसर्च ट्रस्ट द्वारा दो दिवसीय 13वां एंडो डायाकॉन (ENDO DIACON – Endocrinology & Diabetology Conference) राष्ट्रीय स्तर का चिकित्सा वार्षिक सम्मेलन 17 एवं 18 जनवरी को होटल रमाडा, उदयपुर में आयोजित किया जा रहा है। ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. डी.सी. शर्मा, जो स्वयं एंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय और सम्मानित नाम हैं, ने आज प्रेसवार्ता में बताया कि इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों से आए लगभग 25 राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशेषज्ञ एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, डायबिटोलॉजिस्ट एवं सुपर-स्पेशलिस्ट चिकित्सक भाग लेंगे। इन्हेलेशनल इंसुलिन: मधुमेह उपचार में नई क्रांति सम्मेलन का सबसे बड़ा आकर्षण भारत में हाल ही में उपलब्ध कराई गई इन्हेलेशनल इंसुलिन (Inhalational Insulin) पर विशेष वैज्ञानिक व्याख्यान रहेगा।यह इंसुलिन सांस के माध्यम से (Inhaled Route) ली जाती है, जिससे मरीजों को बार-बार सुई लगाने की पीड़ा से राहत मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक विशेष रूप से उन मधुमेह रोगियों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो इंजेक्शन फोबिया, बुजुर्ग अवस्था या लंबे समय से इंसुलिन पर निर्भर हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में यह तकनीक डायबिटीज मैनेजमेंट को अधिक सरल, सुरक्षित और रोगी-अनुकूल बना सकती है। यही कारण है कि इसे मधुमेह रोगियों के लिए अब तक की सबसे बड़ी खुशखबरी माना जा रहा है। मोटापे (Obesity) पर फुल सिम्पोजियम डॉ. शर्मा ने बताया कि सम्मेलन में मोटापे (Obesity) पर एक पूर्ण सिम्पोजियम (Full Symposium) आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में मोटापे के इलाज में क्रांतिकारी मानी जा रही नई दवाओं, विशेष रूप से टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) एवं अन्य आधुनिक Anti-Obesity Medications पर विस्तार से वैज्ञानिक चर्चा होगी। विशेषज्ञ बताएंगे कि कैसे मोटापा आज केवल सौंदर्य से जुड़ी समस्या नहीं, बल्कि डायबिटीज, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, बांझपन और कैंसर तक का प्रमुख कारण बनता जा रहा है। हार्मोन और बांझपन (Infertility) पर विशेष सत्र सम्मेलन में हार्मोनल असंतुलन और बांझपन (Infertility) पर भी विशेष वैज्ञानिक सत्र आयोजित किया जाएगा।इसमें महिलाओं एवं पुरुषों में बांझपन के बढ़ते कारण, हार्मोन की भूमिका, आधुनिक जांच पद्धतियां और नवीनतम उपचार विकल्पों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। थायरॉयड से लेकर बच्चों की हार्मोन समस्याएं भी होंगी चर्चा का केंद्र सम्मेलन के दौरान थायरॉयड रोगों (Thyroid Disorders) के सटीक निदान एवं आधुनिक उपचार बच्चों में हार्मोन संबंधी समस्याएं, जैसे बच्चों की वृद्धि में कमी (Growth Disorders) समय से पहले यौवन (Precocious Puberty) बचपन में मोटापा (Childhood Obesity) जैसे विषयों पर सरल, व्यावहारिक और वैज्ञानिक व्याख्यान दिए जाएंगे। हड्डियों के स्वास्थ्य पर भी फोकस इसके अतिरिक्त ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) एवं मेटाबॉलिक बोन डिजीज (Metabolic Bone Diseases) पर भी पूर्ण सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें हड्डियों को मजबूत रखने फ्रैक्चर की रोकथाम कैल्शियम, विटामिन-D और हार्मोन की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। 250 से अधिक चिकित्सकों की भागीदारी की संभावना इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्यभर से लगभग 250 चिकित्सक, सुपर-स्पेशलिस्ट, पोस्ट-ग्रेजुएट विद्यार्थी एवं मेडिकल प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है। चिकित्सा ही नहीं, सामाजिक जागरूकता का भी मंच डॉ. शर्मा ने कहा कि यह सम्मेलन केवल चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में मधुमेह, हार्मोनल रोगों और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने विश्वास जताया कि एंडो डायाकॉन 2026 से प्राप्त निष्कर्ष आने वाले समय में मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराने में मील का पत्थर साबित होंगे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation UDA में ‘राहु—ल’ काल : गैप भूमि या घोटाला भूमि??? या फिर किसी की दिमागी खुराफात..??? माहेश्वरी महिला गौरव मण्डल ने तिमारदारों व मरीजों को भोजन कराया