24 News Update उदयपुर। जनजातीय और वंचित वर्गों में शिक्षा की अलख जगाने के उद्देश्य से स्थापित जनुभाई विद्यापीठ के बेमला–कुराबड़ स्थित नवीन राजस्थान विद्यापीठ महाविद्यालय एवं महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल में सोमवार को प्रवेशोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक योगदान देने वाले 90 समाजसेवियों को स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति कर्नल प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने कहा कि विद्यापीठ की स्थापना 1937 में स्वतंत्रता से पूर्व उस समय की गई थी, जब शिक्षा से आदिवासी और वंचित वर्ग वंचित था। जनुभाई का सपना था कि हर व्यक्ति को शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाया जाए। उन्होंने कहा कि “2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा, जब अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचेगी।” शिक्षा केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि भारतीय मूल्यों, संस्कृति और चरित्र निर्माण के साथ सर्वांगीण विकास की ओर ले जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यापीठ उसी पथ पर अग्रसर है। साथ ही उन्होंने नई शिक्षा नीति-2020 की विशेषताओं को रेखांकित करते हुए इसे एक दूरदर्शी कदम बताया।
कुलाधिपति बी.एल. गुर्जर ने कहा कि विद्यापीठ अपने स्थापना काल से ही हर व्यक्ति तक शिक्षा पहुँचाने का प्रयास करता रहा है। उन्होंने दोहराया कि “शिक्षा प्राप्त करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है” और विद्यापीठ इस अधिकार को साकार करने के लिए संकल्पबद्ध है। इस अवसर पर पीठ स्थविर डॉ. कौशल नागदा एवं वरिष्ठ समाजसेवी हरिसिंह चौहान ने भी विचार व्यक्त किए।
बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता
प्रवेशोत्सव में आसपास के क्षेत्रों से अभिभावक, विद्यार्थी तथा जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष रूप से नवल सिंह जुड़, दूल्हे सिंह, चतर सिंह, कमलेश्वर सिंह कच्छेर, मांगी बाई सरपंच, भरत मीणा, नत्थे खान, रमेश चौधरी, नवनीत औदिच्य, भंवरलाल पटेल, शिवलाल पटेल सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
विश्वविद्यालय परिवार की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में रजिस्ट्रार डॉ. तरुण श्रीमाली, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पारस जैन, डॉ. भवानीपाल सिंह राठौड़, डॉ. दिलीप सिंह चौहान, प्रो. गजेन्द्र माथुर, प्रो. मंजू मांडोत, प्रो. कला मुनेत, प्रो. सरोज गर्ग, प्रो. आई.जी. माथुर, डॉ. हेमेन्द्र चौधरी, डॉ. अमिया गोस्वामी, डॉ. बलिदान जैन, डॉ. रचना राठौर, डॉ. अमी राठौर, डॉ. सुनीता मूर्डिया, डॉ. रोहित कुमावत, डॉ. सुभाष पुरोहित, डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. अमित दवे, डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. मिनेश भट्ट, डॉ. इंदु आचार्य, डॉ. नीतू व्यास, डॉ. लक्ष्मण रेबारी, डॉ. सुनील जैन, डॉ. मनोहर टेलर, हेमेंद्र सिंह चूंडावत सहित विद्यापीठ कुल परिवार के अनेक अधिकारी, प्राध्यापक एवं कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. हरीश चौबीसा एवं वर्तिका गुर्जर ने संयुक्त रूप से किया, जबकि डॉ. हिम्मत सिंह चुंडावत ने आभार ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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