उदयपुर। अरावली पर्वतमाला को लेकर उपजे संकट ने अब उदयपुर में केवल पर्यावरणविदों ही नहीं, बल्कि कानून के रखवालों को भी सड़क पर ला खड़ा किया है। शनिवार को अधिवक्ता परिषद और बार एसोसिएशन के संयुक्त आह्वान पर बड़ी संख्या में वकीलों ने संगठित होकर अरावली संरक्षण के लिए शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त प्रदर्शन किया। सुबह न्याय के मंदिर—कोर्ट परिसर—से निकली यह आवाज नारेबाजी के साथ रैली का रूप लेते हुए जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। संदेश साफ था— अरावली पर कोई भी समझौता, आने वाली पीढ़ियों के साथ अन्याय होगा। कलेक्ट्रेट पहुंचकर वकीलों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन एडीएम (प्रशासन) दीपेंद्र सिंह को सौंपा। ज्ञापन में अरावली पर्वतमाला को लेकर केंद्र और राज्य सरकार से तत्काल, ठोस और दीर्घकालिक संरक्षण नीति अपनाने की मांग की गई। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अरावली केवल पहाड़ों की श्रृंखला नहीं, बल्कि मेवाड़ की पहचान, पर्यावरण की सुरक्षा ढाल और पानी की सबसे बड़ी जीवनरेखा है। अरावली कमजोर हुई तो उसका सीधा असर मौसम चक्र, वर्षा पैटर्न और भूजल स्तर पर पड़ेगा, जिसकी कीमत आम आदमी को चुकानी होगी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र जैन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास आवश्यक है, लेकिन प्रकृति की कीमत पर विकास स्वीकार्य नहीं। उन्होंने चेताया कि यदि अरावली के साथ छेड़छाड़ जारी रही तो आंदोलन को प्रदेश स्तर तक ले जाया जाएगा। अधिवक्ता परिषद के जिला अध्यक्ष मनीष शर्मा, पूर्व अध्यक्ष रमेश नंदवाना, शंभू सिंह राठौड़, राव रतन सिंह, विष्णु शंकर पालीवाल, वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश सिंघवी, चक्रवर्ती सिंह राव, चंद्रभान सिंह शक्तावत, राकेश मोगरा, राम कृपा शर्मा और कमलेश दवे ने एक स्वर में कहा कि प्रकृति से खिलवाड़ किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा में बड़ी संख्या में युवा अधिवक्ताओं की मौजूदगी ने आंदोलन को नई ऊर्जा दी। वक्ताओं ने कहा कि यदि आज अरावली को नहीं बचाया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका खामियाजा सूखे, जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन के रूप में भुगतना पड़ेगा। उल्लेखनीय है कि इससे पहले कांग्रेस कार्यकर्ता भी इस मुद्दे पर विरोध दर्ज करा चुके हैं, जिससे साफ है कि अरावली संरक्षण अब एक सामाजिक और जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। वकीलों ने चेताया कि यदि सरकार ने समय रहते संवेदनशीलता नहीं दिखाई, तो यह आंदोलन और व्यापक, संगठित और निर्णायक होगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राणा पूंजा जनजाति हॉस्टल के अधीक्षक को हटाने पर बवाल, NSUI ने कुलपति को सौंपा ज्ञापन MPUAT का 19वां भव्य दीक्षांत समारोह 22 को, 44 स्वर्ण पदक, विभिन्न संकायों के 1181 विद्यार्थियों को मिलेगी उपाधि, कुलगुरु स्वर्ण पदक की शुरुआत इसी शैक्षणिक सत्र से