24 News Update उदयपुर, 19 फरवरी 2026। जल संकट और बढ़ती लागत के दौर में खेती को टिकाऊ बनाने की दिशा में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने एक और पहल की है। विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशालय के अंतर्गत संचालित अखिल भारतीय समन्वित सिंचाई जल प्रबंधन अनुसंधान परियोजना द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, डूंगरपुर में “कृषि में जल उत्पादकता बढ़ाने के लिए एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण” आयोजित किया गया।कार्यक्रम में परियोजना प्रभारी डॉ. के.के. यादव ने किसानों को बताया कि सीमित जल संसाधनों के बावजूद वैज्ञानिक सिंचाई प्रबंधन से फसल उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सिंचाई जल की गुणवत्ता के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि खराब जल गुणवत्ता न केवल पैदावार घटाती है, बल्कि लंबे समय में भूमि की उत्पादकता को भी नुकसान पहुंचाती है।कृषि विज्ञान केंद्र, डूंगरपुर के अध्यक्ष एवं मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सी.एम. बलाई ने पोषक तत्व प्रबंधन को जल उत्पादकता से जोड़ते हुए कहा कि संतुलित उर्वरक उपयोग से पौधों की जल उपयोग दक्षता में उल्लेखनीय सुधार होता है।कार्यक्रम में प्रौद्योगिकी एवं अभियांत्रिकी महाविद्यालय, उदयपुर के इंजीनियर बलराम शर्मा ने ड्रिप और फव्वारा (स्प्रिंकलर) सिंचाई पद्धतियों पर तकनीकी प्रस्तुति दी। उन्होंने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि माइक्रो इरिगेशन तकनीक से 30–50 प्रतिशत तक जल बचत के साथ उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।वहीं राजस्थान कृषि महाविद्यालय, उदयपुर की उद्यानिकी विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. शालिनी पिलानियां ने फलदार पौधों में ड्रिप सिंचाई की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने गर्मी के मौसम में बागवानी फसलों की सिंचाई आवश्यकता, जल शेड्यूल और रखरखाव की वैज्ञानिक विधियों की जानकारी दी।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुल 60 पुरुष एवं महिला किसानों ने भाग लिया। प्रतिभागी किसानों ने इसे व्यावहारिक और उपयोगी बताते हुए कहा कि जल की हर बूंद का सही उपयोग अब खेती की मजबूरी बन चुका है।कार्यक्रम का समन्वय विश्वविद्यालय के मीडिया प्रकोष्ठ एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. जी.एल. मीना द्वारा किया गया। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation 5 महीने बाद युवक की मौत: कोमा में चले गए थे शंकर, अक्टूबर 2025 में हुआ था सड़क हादसा डूंगरपुर जेल से कैदी का 800–1000 किमी दूर स्थानांतरण रद्द: राजस्थान हाईकोर्ट ने कहा—बिना ठोस कारण कैदी को दूर भेजना असंवैधानिक