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जयपुर जेल ब्रेक की फिल्मी कहानी : करंट लगा, नीचे गिरे, चोरी की बाइक से भागे डिवाइडर से भिड़े, स्मैक की लत फिर ले आई सलाखों के पीछे, … 48 घंटे में दबोचे गए दोनों बंदी, 11 सस्पेंड

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24 News Update. जयपुर। जयपुर सेंट्रल जेल से 20 सितम्बर की रात हुई फरारी किसी बॉलीवुड थ्रिलर से कम नहीं रही। बंदी अनस उर्फ दानिश (25) और नवल किशोर महावर (28) ने पहले बाथरूम का रोशनदान तोड़ा, फिर प्लास्टिक पाइप और कुर्सी का सहारा लेकर 27 फीट ऊंची दीवार फांदी। इस दौरान करंट लगा, दीवार से नीचे गिरे, 20 मिनट बेहोश पड़े रहे और फिर उठकर भाग निकले। आखिरकार 48 घंटे के भीतर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
स्मैक की तड़प ने लिखी फरारी की पटकथा
पुलिस पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि जेल में स्मैक न मिलने से नवल किशोर का शरीर टूटने लगा था। उसने अनस से कहाकृ“बिना स्मैक के मरने से अच्छा है जेल तोड़कर निकलना।“ यही जुनून फरारी की वजह बना।

रोशनदान तोड़ा, सीसीटीवी से बचे और दीवार पर चढ़े
रात करीब 2 बजे दोनों बाथरूम गए। वहां लात मारकर रोशनदान तोड़ा और लोहे की ग्रिल उखाड़ी। एक फीट की जगह से बाहर निकलकर जेल परिसर में पहुंचे। सीसीटीवी से बचते हुए डेढ़ घंटे तक अंधेरे में इधर-उधर घूमते रहे। महिला जेल की तरफ कंबल डालकर दीवार फांदने की कोशिश की, लेकिन कंबल फट गया। आखिरकार प्लास्टिक पाइप और कुर्सी का सहारा लिया।

करंट से गिरे, फिर भी नहीं छोड़ी उम्मीद
जैसे ही अनस ने ब्ब्ज्ट कैमरे को पकड़कर दीवार चढ़ना चाहा, उसे जोर का करंट लगा। दोनों नीचे गिरे और 20 मिनट तक वहीं बेहोश पड़े रहे। करंट और गिरावट के बावजूद उम्मीद कायम रखी। होश आने पर उन्होंने दोबारा कोशिश की और आखिरकार दीवार फांदने में सफल रहे।

बाइक चुराई, फिर डिवाइडर से टकराए
बाहर निकलते ही मिश्रा मार्केट से एक बाइक चुराई। रास्ते में टोंक रोड पर डिवाइडर से भिड़ गए। सिर फट गया, खून बहा और लोग उन्हें अस्पताल ले गए। पट्टी करवाकर दोनों चुपचाप निकल लिए और बाइक सुनसान जगह छोड़ दी।

24 घंटे तक जयपुर में ही छिपे रहे
जेल से महज कुछ किलोमीटर दूर, जयपुर शहर की गलियों और अंधेरे में छिपे रहे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो अनस की झलक पास के पेट्रोल पंप पर मिली। नवल की तलाश स्मैक ठिकानों पर की गई।
अंततः पुलिस ने दबोचा
शनिवार दोपहर प्रतापनगर से अनस को धर-दबोचा गया। रविवार सुबह नवल किशोर को पुलिस ने तब पकड़ा जब वह स्मैक लेने पहुंचा। दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

जेल प्रशासन पर गिरी गाज
इस पूरे ड्रामे ने जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। अब तक 11 जेल कर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।

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