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करणी माता मंदिर भूमि विवाद पर करणी भक्तों का उग्र विरोध, अवैध कब्जा हटाने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन

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24 News Update उदयपुर। प्रतिष्ठित करणी माता मंदिर की भूमि पर कथित अवैध कब्जे के विरोध में रविवार को करणी भक्तों ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंदिर परिसर की भूमि पर अतिक्रमण और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया गया। भक्तों ने बताया कि हाथीपोल क्षेत्र के चेतक सर्कल के पास स्थित करणी माता मंदिर की पवित्र भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। यहां अस्थायी निर्माण कर धर्मस्थल की गरिमा और पवित्रता को आहत किया जा रहा है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया गया कि यह भूमि राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग के अधीन है और इसका उल्लेख राजस्व दस्तावेजों में भी दर्ज है। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे करणी भक्तों में भारी नाराजगी व्याप्त है। भक्तों ने इस भूमि के समीप स्थित एक प्राचीन बावड़ी को जानबूझकर नष्ट करने और मिटाने के प्रयासों का भी विरोध जताया। उन्होंने इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर के साथ खिलवाड़ करार दिया और अविलंब रोक लगाने की मांग की।

प्रशासन से प्रमुख मांगें
करणी भक्तों ने ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से तीन मुख्य मांगें रखीं — अवैध कब्जे को तुरंत हटाया जाए। मंदिर तक सार्वजनिक मार्ग को श्रद्धालुओं के लिए पुनः खोला जाए। उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। यह ज्ञापन “श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना मेवाड़” की ओर से जिला कलेक्टर, मुख्यमंत्री, देवस्थान मंत्री, जिला पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को सौंपा गया। करणी भक्तों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो प्रदेश और देशभर के करणी माता अनुयायी आंदोलनात्मक रुख अपनाने को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र पर अवैध कब्जा और ऐतिहासिक धरोहर के विनाश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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