24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। किसानों के खेतों में गिरदावरी सही नहीं होने के कारण वे खरीद केन्द्र पर पूरा गेहूं नहीं बेच पा रहे हैं। किसान संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया। संघ के जिला प्रवक्ता लल्लुराम बिजोला ने बताया कि रबी सीजन में राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा गलियाकोट तहसील के सैकड़ों किसानों के खेतों में गेहूं की फसल होने के बावजूद पूरी फसल गिरदावरी रिपोर्ट में ऑनलाइन दर्ज नहीं की गई। यह बात किसानों को तब पता चली जब उन्होंने सरकारी खरीद केन्द्र गडा जसराजपुर पर गेहूं बेचने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाया। उस समय किसानों को कुल जमीन के आधार पर 40 क्विंटल, 30 क्विंटल, 25 क्विंटल आदि की खरीदी का ऑनलाइन मैसेज मिला, लेकिन खरीद केन्द्र के ऑपरेट सिस्टम में गिरदावरी रिपोर्ट के अनुसार गेहूं की मात्रा तीन, चार, दो क्विंटल ही दिखाई दे रही है।
पूर्व ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन मैसेज के आधार पर किसान गेहूं लेकर केन्द्र पर पहुंच रहे हैं, लेकिन उनकी खरीद नहीं हो रही और वे परेशान होकर वापस लौट रहे हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि रबी व खरीफ दोनों सीजन में सरकार द्वारा खेतों की गिरदावरी करवाई जाती है, जिसमें अधिकारी को किसान के साथ खेत पर जाकर फसल का ऑनलाइन रिकॉर्ड दर्ज करना होता है, लेकिन राजस्व विभाग के अधिकारी खेतों में जाने के बजाय कार्यालय में बैठकर गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर देते हैं। कई जगह गेहूं की फसल को चना या खाली खेत दर्ज कर दिया जाता है, जिससे किसानों को गेहूं व सोयाबीन की फसल बेचने में परेशानी हो रही है। अधिकारियों की लापरवाही से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इस समस्या के समाधान के लिए भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार, गलियाकोट से चर्चा कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
किसान को गिरदावरी सही नहीं मिलने से खरीद केन्द्र पर पूरा गेहूं नहीं बेच पा रहे, दिया ज्ञापन

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