24 News Update उदयपुर। पर्यटन नगरी उदयपुर में चर्म रोग की महामारी लगातार फैलती जा रही है। नेताओं के किस्से लोगों की जुबां पर चढ़कर बातचीत का आनंद दे रहे हैं तो अब कुछ स्पा सेंटर भी नेताओं का ही अनुसरण करते हुए दिखाई दे रहे हैं। याने जैसे कुछ गंदी मछलियों ने उदयपुर की राजनीति को गंदा कर दिया उसी तरह कुछ गंदी मछलियों ने स्पा के बिजनेस का बदनाम कर दिया। मगर राजनीति के मामलों में खाकी का साथ भी है और विश्वास भी। यहां पर उल्टी गंगा बह रही है। आज सहेली मार्ग पर यूआईटी सर्कल के पास संचालित नेचर टच स्पा का पर्दाफाश हुआ तो ‘सेवा’ का असली मतलब भी खुलकर सामने आ गया। पुलिस जांच में सामने आया कि यहां मसाज की आड़ में ग्राहकों से मोटी रकम लेकर अवैध देह व्यापार कराया जा रहा था। ‘एक्स्ट्रा सर्विस’ का कोडवर्ड इस्तेमाल कर नियम-कानून को उसी तरह चकमा दिया जा रहा था, जैसे बड़े मंचों पर नैतिकता के भाषण देकर पीछे से नेता कांड कर रहे हैं।
संयुक्त कार्रवाई में राजस्थान पुलिस की एसटी-एससी सेल, अम्बामाता थाना, बड़गांव थाना और डीएसटी की टीम ने स्पा सेंटर पर दबिश दी। रेड के दौरान देह व्यापार का पूरा खेल उजागर हुआ। मौके से तीन युवतियों और स्पा की संचालिका को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, पकड़ी गई युवतियां भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों की रहने वाली हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल सिस्टम का है। सहेलियों की बाड़ी जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के आसपास दर्जनों ये सेवाएं मिल रही हैं तो शहर में और कहां कहां मिल रही होंगी इसका अनुमान लगाना मुश्किल नहीं है। हालत तो जो पकड़ा गया वो चोर, बाकी साहूकार जैसी हो गई है फिर चाहे नेता नगरी हो या फिर स्पा बिजनेस। चर्म रोग सेवाएं दोनों जगह उपलब्ध हैं मगर एक जगह के लाभार्थियों को पावर का प्रिविलेज है, पद और प्रतिष्ठा का प्रिविलेज है तो दूसरी जगह के लाभार्थियों की प्रतिष्ठा, धन और धर्म तीनों ही दांव पर लगे हैं।
लेकसिटी में एक्स्ट्रा सर्विस का बोलबाला—स्पा सेंटर चले ‘नेताओं की राह पर’ पकड़ा गया काला कारोबार

Advertisements
