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वसुंधरा ने किस पर किया हमला??????? कहा- -जिनकी उंगली पकड़़ चलना सीखते हैं, उनकी उंगली काटने की कोशिश करते हैं…..

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24 न्यूज अपडेट उदयपुर। आज उदयपुर में सुखाड़िया रंगमंच टाउन हॉल पर सुंदरसिंह भण्डारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से सुंदरसिंह भण्डारी और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर चल रही व्याख्यानमाला में बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपने राजनीतिक विरोधियों को बातों ही बातों में बड़ा संदेश दे दिया और उन्हें नेग्लेक्ट करने वालों को एक ही वाक्य में धो कर रख दिया। अपनी ही पार्टी में लगातार उपेक्षा झेल रही वसुंधरा राजे ने सुंदरसिंह भण्डारी के महान व्यक्तित्व की व्याख्या करते हुए कहा कि उन्होंने किस तरह से भैरोसिंह शेखावत, उसके बाद कलराज मिश्र और कल्याणसिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष कुशाभाउ ठाकरे सहित कई बड़े कार्यकर्ताओं व नेताओं आगे बढ़ाया और उंचे मुकाम पर पहुंचाया। उन्होंने ना जाने कितने कार्यर्ताओं को संभाला, उनको हाथ पकड़ कर, उंगली पकड़ कर आगे ले जाने का काम किया। पर वो दौर अलग था, तब लोग किसी के किए अच्छे काम को माना करते थे। और कोई उपकार होता था तो उसे भी अच्छी तरह से समझते थे और माना भी करते थे। लेकिन आज, आज तो बहुत कुछ देखने को मिल रहा है। आज लोग उसी उंगली को काटने की कोशिश करते हैं जिसको पकड़ कर वो चलना सीखे थे। इस पर तालियां की गड़गड़ाहट गूंज उठी। लोग समझ गए कि यहा कटाक्ष किस संदर्भ में किया गया है। लोगों में खूब चर्चा रही कि आखिर कौन लोग हैं जो उंगली पकड़ कर आगे बढ़े व उसी उंगली को काटने का काम कर रहे हैं। हॉल में मौजूद कुछ राजनीतक गुणीजनों का कहना था कि उंगलीपकड़ लोगों व उंगली काटने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। आपको बता दें कि राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे को पूरी तरह से साइडलाइन कर दिया गया था व विधानसभा चुनाव के बाद माना जा रहा था कि यह उनके कॅरियर का अंतिम पड़ा है मगर लोकसभा चुनावों में भाजपा के खराब प्रदर्शन के बाद फिर से मांग उठने लगी कि पुराने व कद्दावर नेताओं को साइडलाइन करने का ही नतीजा है कि जनता ने भाजपा को कई जीती हुई सीटों पर साइडलाइन कर दिया। ऐसे में पार्टी फिर पुराने नेताओं का मान सम्मान बढ़ाने की नई कोशिशों में जुट गई है। वसुंधरा का उदयपुर आना और मुख्यधारा की भाजपा की राजनीति में अधिकारपूर्वक अपनी बात कहना इस बात को द्योतक है कि फिलहाल उंगली पकड़ कर उंगली काटने वालों की भाजपा में कुछ समय तक तो दला नहीं गलने वाली है।

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