24 न्यूज अपडेट, उदयपुर बांसवाड़ा जिले के घाटोल में नाबालिग छात्रा के साथ अपहरण कर जघन्य तरीके से सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। नाबालिग छात्रा से दरिंदों ने दिल्ली के निर्भया जैसा जघन्य दुष्कर्म किया है। छात्रा अभी उदयपुर के महाराणा भूपाल अस्पताल में पिछले 10 दिनों से जिदंगी और मौत की जंग लड़ते हुए अभी आईसीयू से जनरल वार्ड में शिफ्ट की गई है। गंभीर चोटें और सर्जरी इस गंभीर प्रकरण में छात्रा के प्राइवेट पार्ट, मलद्धार, गर्भाशय के आसपास, रीढ़ की हड्डी में ऐसी गंभीर चोटें आई हैं जिन्हें बयान तक नहीं किया जा सकता। हालत इतनी गंभीर थी कि छात्रा की सर्जरी हुई है व उसके शौच के लिए पेट से बायपास कर रास्ता बनाया गया है। दरिंदों की ओर से दुष्कर्म के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में शराब की बोतलें व डंडे डालना सामने आ रहा है जिनकी वजह से ये गंभीर चोटें आईं हैं। इसके अलावा छात्रा के शरीर के कई अंदरूनी अंग फट गए जिनकी सर्जरी कर सिलाई तक करनी पड़ी। परिजनों का बयान आज 24 न्यूज अपडेट की टीम ने इस मामले में पीड़िता के माता-पिता से बात की तो कई दिल दहला देने वाली बातें सामने आईं।पीड़िता की मां ने बताया कि पुलिस ने कहा कि आपकी गलती है, आप अपनी बेटी को संभाल कर नहीं रख सकते थे क्या? हद तो तब हो गई जब पीड़िता की मां ने हमें बेटी से हुई दरिंगदगी के सुबूत के तौर पर खून सने कपड़े दिखाए जिन्हें देख कर हमारी भी रूह कांप गई। ये कपड़े खून से सने होकर बदबू मार रहे हैं। पुलिस को अब तक इन कपड़ों को बतौर अहम सबूत बरामद कर लेना था लेकिन ऐसा क्यों नहीं किया गया यह बहुत बड़ा सवाल है।पीड़िता की मां ने बताया कि अब तक पुलिस ने अब तक ना तो बयान लिए हैं ना ही हॉस्पिटल में कोई आया है। इस मामले में अब तक किसी की भी गिरफ्तारी की कोई भी सूचना हमें प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बेटी के पैरों, हाथों व शरीर पर जगह जगह गंभीर चोटें भी आईं। आईजी को लिखा पत्र, आरोपियों के नाम इस मामले में पीड़िता की मां ने एक पत्र भी दिखाया जो आईजी साहब को संबोधित कर लिखा गया। इस पत्र में प्रकरण करने की मांग की गई। मामले में स्कूल में पढ़ने वाले और उसके साथी युवक पर अपहरण, मारपीट और दुष्कर्म के आरोप लगाए हैं। घटना की टाइमलाइन बताया गया कि 21 अगस्त को छात्रा की मां के पास फोन आया कि आपकी बेटी बेहोंश है, हालत सीरियस है। हॉस्पिटल में पहुंचे तो वहां से उदयपुर रेफर कर दिया गया। यहां पर उदयपुंर में 22 अगस्त को बेटी का आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। जब वह होंश में आई तो बताया कि 20 अगस्त की सुबह साढे सात बजे जब वह स्कूल जाने के लिए घर से निकली तो लंबे समय तक ऑटो नहीं मिलने के कारण वह वापस लौट रही थी। उसी दौरान बाइक सवार स्कूल का छात्र और उसका एक साथी युवक उसके पास आए। आरोप है कि दोनों ने छात्रा को जबरन बाइक पर बैठाया और जान से मारने की धमकी देते हुए उसे एक मकान पर ले गए। वहां पर दोनों युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता से उसके फोन से उसकी मां को जबरन कॉल करवा कर कहा कि वह स्कूल में है और घर नहीं आएगी। इसके बाद दोनों आरोपी उसे आरोपी युवक की बुआ के घर ले गए। रातभर वहां भी शराब के नशे में पीड़िता के साथ दुष्कर्म किया गया। पीड़िता के विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की और बेहोश कर दिया। प्राइवेट पार्ट व मलद्धार में शराब की बोतलें डाल दी जिससे वह बेहोंश हुई। अगली सुबह आरोपियों ने बाइक पर बैठाया और पीपलखूंट के पास चलती बाइक से फेंककर भाग निकले। राहगीरों ने घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाया और उसकी मां को सूचना दी। मेडिकल और पुलिस कार्रवाई पीड़िता को पहले खमेरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उदयपुर रेफर किया गया। 22 अगस्त को उसका ऑपरेशन भी हुआ। अस्पताल में होश आने के बाद पीड़िता ने परिवार को आपबीती बताई। इसके बाद उसकी मां ने 25 अगस्त को पुलिस को लिखित शिकायत देकर दोनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। माता-पिता के रूक नहीं रहे आंसू 24 न्यूज अपडेट की टीम को परिजनों ने रोते हुए घटना के बारे में बताया। इस दौरान महिला कांग्रेस नेत्री शांता प्रिंस भी सहयोगियों के साथ पहुंची परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने पीड़िता व परिजनों को तत्काल न्याय दिलाने, दोषियों को फांसी की सजा दिलाने व निर्भया केस की तरह से सरकारी खर्च पर वकील व उपचार की उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं व त्वरित न्याय देकर 50 लाख का मुआवजा दिलाया जाए। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टिप्पणी इस दौरान हमारी बातचीत मौके पर मौजूद एक निजी फोरेंसिक एक्सपर्ट से भी हुई जिन्होंने मेडिकल फाइल का अवलोकन करते हुए बताया कि बच्ची के साथ ऐसी दरिंदगी हुई है जिसको शब्दों में बयां करना संभव ही नहीं है। इस मामले में तत्काल गंभीर धाराओं व पौक्सो एक्ट में मामला दर्ज होना चाहिए और पुलिस की उच्च स्तरीय टीम बनाकर तत्काल जांच की जानी चाहिए। बालिका के शरीर को बहुत नुकसान पहुंचा है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आठ माह की कानूनी लड़ाई के बाद डॉ. शंकरलाल बामनिया को मिली बड़ी राहत: हाईकोर्ट के आदेश पर सरकार ने जारी किया डीडीओ पावर, उदयपुर चिकित्सा विभाग को मिला नियमित नेतृत्व ब्राम्हण बड़ा नागदा समाज कल्याण संस्थान की प्रतिनिधि सभा का अधिवेशन संपन्न