24 News Update नई दिल्ली। शनिवार सुबह देशभर में करोड़ों मोबाइल फोन पर अचानक सायरन बजने और इमरजेंसी अलर्ट मैसेज आने से लोग चौंक गए। सुबह करीब 11:45 बजे एकसाथ मोबाइल स्क्रीन पर हिंदी-अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं में चेतावनी संदेश दिखाई दिया। सायरन बंद होने के बाद मोबाइल फोन पर मैसेज को ऑडियो के जरिए पढ़कर भी सुनाया गया।
हालांकि यह किसी वास्तविक आपदा का अलर्ट नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) द्वारा इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग थी। सरकार ने देशभर में सेल ब्रॉडकास्ट आधारित चेतावनी प्रणाली का परीक्षण किया, ताकि आपदा या आपातकालीन स्थिति में लोगों तक तुरंत सूचना पहुंचाई जा सके।
सभी राज्यों में भेजा गया टेस्ट मैसेज
सरकार की ओर से यह टेस्ट मैसेज देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR सहित कई क्षेत्रों में भेजा गया। मैसेज में साफ लिखा था कि यह केवल परीक्षण है और नागरिकों को घबराने या किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। दो दिन पहले ही सरकार ने लोगों को सूचित कर दिया था कि मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट ट्रायल किया जाएगा। इसके बावजूद अचानक सायरन बजने से कई लोग घबरा गए, जबकि कई लोग इसे लेकर असमंजस में नजर आए।
‘SACHET’ सिस्टम से मिलेगा रियल टाइम अलर्ट
आपदा के समय त्वरित चेतावनी देने के लिए सरकारी संस्था National Disaster Management Authority और C-DOT ने मिलकर ‘SACHET’ नाम का इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम विकसित किया है। यह कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) आधारित तकनीक है, जिसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय किया जा चुका है। इस तकनीक में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का उपयोग होता है, जिससे किसी विशेष क्षेत्र में नेटवर्क कवरेज के भीतर मौजूद सभी मोबाइल फोनों पर एक साथ अलर्ट भेजा जा सकता है। खास बात यह है कि यह सिस्टम बिना इंटरनेट के भी काम करता है।
अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे गए
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस तकनीक के जरिए अब तक मौसम बदलाव, चक्रवात और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जुड़े 134 अरब से अधिक अलर्ट संदेश 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में भेजे जा चुके हैं। भविष्य में भूकंप, बाढ़, चक्रवात या अन्य राष्ट्रीय आपात स्थितियों में इसी सिस्टम का उपयोग कर लोगों को तुरंत चेतावनी दी जाएगी।

