उदयपुर, 22 सितंबर। गोसिया कॉलोनी, किशनपोल निवासी दो विधवा महिलाओं के मकान को नगर निगम की ओर से जारी नोटिस के बाद अब मामला जिला प्रशासन तक पहुंच गया है। सीकर से सीपीआई (एम) सांसद और लोकसभा में पार्टी के उपनेता अमराराम ने उदयपुर जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले में निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक मकान को सीज, ध्वस्त या बेदखल करने जैसी कार्रवाई नहीं करने का आग्रह किया है।सांसद ने पत्र में गोसिया कॉलोनी निवासी रुखसाना पत्नी स्व. लियाकत अली और मेम बानो पत्नी स्व. हैदर अली का उल्लेख करते हुए कहा कि नगर निगम के उपायुक्त की ओर से राजस्थान नगरपालिका अधिनियम के तहत 19 सितंबर को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में मकान में बिना निर्माण स्वीकृति के निर्माण किए जाने और भूखंड के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराने का उल्लेख किया गया है। दोनों महिलाओं को 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। 40-45 साल पुराना मकानअमराराम ने कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा कि महिलाओं की ओर से दिए गए प्रार्थना-पत्र और संबंधित दस्तावेजों के अनुसार मकान करीब 40 से 45 वर्ष पुराना बताया गया है। दोनों महिलाएं विधवा हैं और लंबे समय से अपने परिवार के साथ इसी मकान में रह रही हैं। पत्र के अनुसार महिलाओं का कहना है कि उनके पास रहने के लिए इस मकान के अलावा कोई अन्य आवास नहीं है। यदि नगर निगम के नोटिस के आधार पर मकान को सीज या ध्वस्त करने अथवा बेदखली जैसी कार्रवाई की जाती है तो उनके सामने गंभीर आवासीय संकट पैदा हो सकता है। राजस्व और निगम रिकॉर्ड की जांच की मांगसांसद ने पूरे मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करने के लिए राजस्व रिकॉर्ड, नगर निगम के रिकॉर्ड और निर्माण की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मकान की उम्र और मौके की स्थिति की भी जांच कराने को कहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि संबंधित भूमि और मकान के संबंध में लंबे समय से निवास एवं कब्जे की स्थिति बनी हुई है तथा क्षेत्र में कई अन्य परिवार भी इसी प्रकार रह रहे हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। जांच तक कार्रवाई रोकने का आग्रहअमराराम ने कलेक्टर से आग्रह किया कि मामले की जांच पूरी होने तक मकान को सीज या ध्वस्त करने तथा बेदखली जैसी कोई कार्रवाई नहीं की जाए। दोनों महिलाओं को अपना पक्ष रखने के लिए उचित अवसर देने की मांग की गई है। उन्होंने नगर निगम और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित कर मौके का निरीक्षण कराने और भूमि तथा मकान की वास्तविक स्थिति की जांच कराने का भी आग्रह किया। सांसद ने पत्र के कहा कि जिला प्रशासन कानून के साथ मानवीय संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले में निष्पक्ष और न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित होगी। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उ.प.रे. महाप्रबंधक ने उदयपुर-मदार रेलखंड और स्टेशनों का किया निरीक्षण सवाई माधोपुर पुलिस की बड़ी सफलता, तीन माह में 35 लाख के 207 गुमशुदा मोबाइल बरामद, साइबर सेल ने तकनीकी निगरानी से देशभर में तलाशे मोबाइल, असली मालिकों को लौटाए गए फोन तो खिले चेहरे