24 News Update उदयपुर, 19 नवम्बर। देबारी से काया तक नेशनल हाईवे-76 पर सर्विस लेन के अभाव से जूझ रहे दो दर्जन से अधिक गांवों के ल ग्रामीणों ने आज मेवाड़ किसान संघर्ष समिति के नेतृत्व में रानीजी की बावड़ी पारा खेत, उमरड़ा में विधिवत पूजा-अर्चना कर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत कर दी। ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे निर्माण के दौरान अधिकारियों और तत्कालीन जिला प्रशासन ने सर्विस लेन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी मार्ग नहीं बनाए गए, जिससे गांवों के संपर्क मार्ग कट गए और किसानों को खेतों तक पहुंचने में भारी परेशानी हो रही है।
किसानों ने आरोप लगाया कि हाईवे अथॉरिटी ने ग्रामीणों की बार-बार की शिकायत और कई दौर के ज्ञापनों व धरना-प्रदर्शन के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया। समिति के संयोजक विष्णु पटेल ने कहा कि सर्विस लेन नहीं बनने से उमरड़ा, कलडवास, एकलिंगपुरा, मनवाखेड़ा, कानपुर खेड़ा, खरबड़िया, जापा, डेडक्या, आंबुआ, चांसदा, जगत, गिंगला, लालपुरा, समेता, कोटड़ा सहित 25 से अधिक गांवों के लाखों लोग प्रभावित हैं और उनकी सुरक्षा तक खतरे में पड़ गई है।
कानपुर के पूर्व उपसरपंच मदनलाल डांगी ने कहा कि सर्विस लेन बन जाने से प्रतापनगर चौराहे पर बढ़ते दबाव में कमी आएगी और रोजाना होने वाली दुर्घटनाओं पर भी रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि यदि सर्विस रोड नहीं बनाई गई तो कई गांवों के लोगों को तीन से चार किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है।
आंदोलन के शुभारंभ कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इस दौरान मदनलाल डांगी, प्रेमचंद पटेल, शंभूलाल डांगी, सोहनलाल गमेती, बाबूलाल गमेती, भेरूलाल मीणा, चुन्नीलाल खटीक, ताराचंद पटेल, रूपलाल पटेल, योगेंद्र सिंह भाटी, तोलीराम डांगी, नानालाल डांगी, शंकरलाल पटेल, देवीलाल पटेल, शोभालाल गर्ग सहित अनेक वक्ताओं ने प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी की उदासीनता पर नाराजगी जताई।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सर्विस लेन निर्माण की प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में जिला कलेक्ट्री और नेशनल हाईवे अथॉरिटी कार्यालय का घेराव कर बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब संघर्ष आर-पार का होगा और इसके लिए प्रशासन स्वयं जिम्मेदार होगा।
देबारी-काया हाईवे पर सर्विस लेन की मांग तेज, ग्रामीणों ने किया आंदोलन का ऐलान

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