24 News Update सागवाड़ा (जयदीप जोशी)। होली के पर्व के दसवें दिन के बाद आने वाली दशावतार दशमी पर कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में शुक्रवार को नगर सहित आसपास के गांवों में महिलाओं ने दशामाता पीपल की हर्षोल्लास के साथ पूजा-अर्चना कर व्रत रखते हुए सुख-समृद्धि व सौभाग्य की कामना की।चैत्र कृष्ण दशमी (वागड़ में फाल्गुन कृष्ण दशमी) को मनाए जाने वाले इस पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया। रविवार व सोमवार को शुभ मुहूर्त के अनुसार महिलाएं श्रृंगारित होकर व्रत रखते हुए नंगे पांव ही पूजा का थाल सजाकर पीपल पूजने के लिए निकलीं।पूजा के थाल में तांबे का कलश, श्रीफल, अक्षत, चंदन, केसर, गुलाल, कपूर, सूत, दशामाता का धागा, सूखे मेवे, गेहूं व अन्य अनाज आदि सजाए हुए थे। नगर में मसानिया तालाब के किनारे पीपल वृक्ष, मसाणिया तालाब खटीक समाज के माताजी मंदिर व पीपल वृक्ष, गमलेश्वर महादेव मंदिर, शीतला माताजी मंदिर तथा लोहारिया तालाब पर पीपल की पूजा की गई।महिलाओं के समूहों ने पीपल को देव रूप मानकर इच्छित प्राप्ति की कामना की। सुहागिन महिलाएं यह व्रत अपने घर की दशा सुधारने के लिए करती हैं। इस दिन महिलाएं पूजा और व्रत करके गले में एक खास डोरा (पूजा का धागा) पहनती हैं।महिलाओं ने कच्चा सूत हाथ में लेकर पीपल की परिक्रमा की और सूत को पीपल के चारों ओर लपेटा। पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने दशामाता की कथा सुनी। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पीपल के वृक्ष की पूजा-अर्चना की गई। पूजन स्थल पर भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित थीं। महिलाओं को लंबी कतार में करीब दो-तीन घंटे तक पूजन के लिए इंतजार करना पड़ा। साथ ही नगर के मसाणिया तालाब किनारे स्थित खटीक समाज के दशामाता मंदिर का माह पूर्व तीसरा मंदिर पाटोत्सव मनाया गया था, जहां सोमवार प्रातः महिलाओं ने व्रत रखा और सामूहिक रूप से कथा का श्रवण कर परिवार में सुख-समृद्धि, शांति, सौभाग्य और धन-संपत्ति बनी रहने की कामना की। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation श्री सिद्धी विनायक गणपति मंडल चैत्र शुक्ल एक से नवमी तक नीम रस वितरित करेगा हुरे के जयकारों के साथ खूब उड़े कंडे, जमकर लोगों ने लिया आनंद