ऑनलाइन ट्रक बेचने का झांसा देकर देश के विभिन्न राज्यों में की ठगी, ₹25000 का है इनामी 24 News Update जयपुर। साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए, बारां साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ट्रक बेचने के बहाने देशभर में 3 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने वाले मास्टरमाइंड चंद्रमोहन वैष्णव पुत्र बाबूलाल (40) निवासी गणेशपुरा थाना केलवाड़ा जयपुर के सिरसी रोड स्थित हाथोज क्षेत्र से धर दबोचा है। 25,000 रुपये का इनामी यह अपराधी पिछले तीन सालों से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था।बारां एसपी राजकुमार चौधरी ने इस महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 17 मई, 2023 को तब सामने आया जब मंदसौर मध्य प्रदेश निवासी पिंटू राठौर ने शिकायत दर्ज कराई। राठौर के अनुसार वैष्णव इन्फ्राटेक और बिड्स बाजार नामक फर्जी कंपनियों के माध्यम से चंद्रमोहन वैष्णव और उसके साथियों ने उन्हें फेसबुक पर ट्रक का लालच देकर टोकन राशि और कागजी कार्रवाई के नाम पर 4 लाख रुपये ठग लिए थे। शिकायत में इस गिरोह द्वारा बैंक की डिफाल्टर गाड़ियां बेचने के नाम पर राजस्थान सहित अन्य राज्यों के लोगों के साथ व्यापक साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।फरारी में भी जारी थी ठगीमामला दर्ज होने के बाद से चंद्रमोहन वैष्णव लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था। वह मोबाइल सिम और पते बदलकर अपनी ठगी का धंधा जारी रखे हुए था। उसकी कंपनियां जैसे बिड्सबाजार डॉट कॉम, टर्बो24 डॉट कॉम, क्विकहोट टेक्नोलॉजीज प्राईवेट लिमिटेड और वैष्णव एशोशियेट्स देश भर में सेकंड हैंड कमर्शियल वाहन बेचने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ऐंठ रही थीं।जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी बारां द्वारा 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इस गिरोह के तीन अन्य सदस्य अनिल वैष्णव, जगदीश बैरागी और प्रेमनारायण वैष्णव को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था।ठगी का शातिर तरीकाचंद्रमोहन और उसका गिरोह बैंक यार्ड से अधिग्रहित वाहनों की तस्वीरें लेकर उन्हें अपनी फर्जी कंपनियों के फेसबुक पेज पर कम कीमत में बेचने का विज्ञापन डालते थे। जब कोई ग्राहक कम कीमत के लालच में संपर्क करता, तो वे उसे गाड़ी दिखाने और डील करने के नाम पर टोकन राशि यूपीआई के माध्यम से वसूल लेते थे। यदि वाहन पसंद आता तो बीमा, फिटनेस और रजिस्ट्रेशन के नाम पर वाहन की 75% कीमत ऑनलाइन बैंक खातों में जमा करवा ली जाती थी। राशि मिलने के बाद अपराधी ग्राहक का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते थे।लंबा आपराधिक इतिहास और आगे की जांचचंद्रमोहन वैष्णव और उसके साथियों के खिलाफ राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में 20 से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। साइबर क्राइम शिकायत पोर्टल पर भी उनके खिलाफ 100 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। यह गिरोह वर्ष 2011 से ही सक्रिय था।तकनीकी अनुसंधान के आधार पर चंद्रमोहन वैष्णव को जयपुर से हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने फेसबुक और बैंक खातों के माध्यम से लगभग 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस आरोपी से प्राप्त बैंक खातों के रिकॉर्ड के आधार पर अन्य राज्यों में की गई ठगी की वारदातों का भी खुलासा होने की उम्मीद कर रही है।बारां साइबर पुलिस की इस सफलता में एसएचओ साइबर थाना अशोक चौधरी सहित एएसआई जगदीश शर्मा, हेड कांस्टेबल दिग्विजय सिंह, सुकेंद्र सिंह, लक्ष्मण, कांस्टेबल दिलीप, करतार और हुकम सिंह की टीम का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कांस्टेबल लक्ष्मण और दिलीप कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी में विशेष भूमिका निभाई। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation राजस्थान में साइबर क्राइम पर बड़ी चोट: 23.56 लाख की ‘डिजिटल अरेस्ट’ ठगी के तीन और आरोपी गिरफ्तार सत्संग में घूंघट वाली महिलाओं ने 5 मिनट में लाखों की सोने की चेन लूटी, पुलिस जांच में जुटी