24 News Update जयपुर। मुफ्त शिक्षा की आड़ में आय छुपाने की कोशिश अब भारी पड़ेगी। Rajasthan के निजी स्कूलों में Right of Children to Free and Compulsory Education Act (RTE) के तहत होने वाले प्रवेश में इस बार नियमों की धार तेज कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है—यदि किसी अभिभावक ने गलत आय प्रमाण पत्र के सहारे सीट हासिल की, तो न केवल प्रवेश निरस्त होगा, बल्कि स्कूल की निर्धारित फीस की दोगुनी राशि वसूली जाएगी और आपराधिक मामला भी दर्ज किया जाएगा।
20 फरवरी से आवेदन, 6 मार्च को लॉटरी
RTE के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी से शुरू हो चुकी है और 4 मार्च तक चलेगी। इसके बाद 6 मार्च को लॉटरी के जरिए चयन सूची जारी की जाएगी। 13 फरवरी को जारी आदेश इसी सत्र से प्रभावी कर दिए गए हैं, जिससे पूरी प्रवेश प्रक्रिया नई शर्तों के साथ लागू होगी।
पहली बार पैन की एंट्री
इस वर्ष आवेदन पत्र में एक अहम बदलाव किया गया है—पैन कार्ड का विवरण। जिन अभिभावकों के पास पैन कार्ड उपलब्ध है, उनके लिए पैन नंबर देना अनिवार्य होगा। इसी आधार पर शिक्षा विभाग और संबंधित निजी स्कूल आय की जांच कर सकेंगे। जिनके पास पैन कार्ड नहीं है, उन्हें यह जानकारी भरना अनिवार्य नहीं होगा, लेकिन संदेह की स्थिति में जांच की प्रक्रिया अलग से चलेगी।
फर्जीवाड़े पर सीधा एक्शन
RTE प्रवेश प्रभारी एवं सहायक निदेशक चंद्र किरण पंवार के अनुसार, यदि जांच में आय से जुड़ी जानकारी गलत पाई जाती है, तो प्रवेश तुरंत रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही दोगुनी फीस वसूली जाएगी और स्कूल अभिभावक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकेगा।
संदेह हुआ तो स्कूल करेगा पड़ताल
प्रवेश प्रक्रिया में शुरुआती जांच स्कूल स्तर पर ही होगी। यदि किसी अभिभावक की आर्थिक स्थिति पर संदेह होता है, तो स्कूल पैन कार्ड या अन्य दस्तावेज मांग सकता है। अगर पैन कार्ड न होने का दावा किया जाता है और स्कूल को शंका बनी रहती है, तो मामला शिक्षा विभाग को भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित अभिभावक से आयकर रिटर्न (ITR) प्रस्तुत करने को कहा जाएगा। ITR की जांच में यदि गड़बड़ी या झूठ सामने आता है, तो FIR दर्ज होगी और दोगुनी फीस की वसूली तय मानी जाएगी।
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