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यूडीए की कार्रवाई पर माकपा का हल्ला बोल: ‘राज की ताकत से बेदखली नहीं चलेगी, जहां चूल्हा वहीं घर मिलना चाहिए’, बलीचा और सविना में गरीबों के मकान तोड़े जाने पर माकपा का प्रशासन व सरकार पर तीखा प्रहार

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उदयपुर, 8 नवम्बर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) जिला कमेटी उदयपुर ने शहर के समीप सविना पंचायत के बड़ीगढ़ कोटडिया फला में यूडीए (Udaipur Development Authority) द्वारा 72 मकानों पर चलाए गए बुलडोजर की कार्रवाई को अमानवीय और जनविरोधी बताया है। इस घटना के बाद माकपा जिला सचिव का. राजेश सिंघवी, राज्य कमेटी सदस्य का. विमल भगोरा, शहर सचिव का. हीरालाल सालवी तथा शहर कमेटी सदस्य का. शमशेर खान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और जनसभा लेकर समस्याएं सुनीं।

ग्रामीणों ने बताया कि यूडीए की यह कार्रवाई भाजपा नेताओं के इशारे पर की जा रही है। वर्षों से बसे गरीबों को बिलानाम जमीनों से बेदखल कर अब वहां प्लॉट काटकर कॉलोनी बनाकर नीलामी की योजना बनाई जा रही है। ग्रामीणों ने सवाल किया कि “हम पीढ़ियों से यहां बसे हैं, अब हम जाएं तो कहां जाएं?”

माकपा जिला सचिव का. राजेश सिंघवी ने कहा कि लाल झंडे ने उदयपुर शहर में लाखों गरीबों को सड़क से उठाकर घर में बसाया। उन्होंने कहा, “सरकार चाहे तो किसी को भी बेघर नहीं रहने दे सकती, लेकिन आज सत्ता में बैठे वही लोग, जो ‘हर नागरिक को आवास’ का दावा करते हैं, उन्हीं के आदेश पर गरीबों के सिर से छत छीनी जा रही है।”
सिंघवी ने कहा — “यूडीए राज की ताकत के बल पर पीढ़ियों से बसे लोगों को बेदखल कर कब्जा करना चाहती है। यह सरकार के दोहरे चरित्र का उदाहरण है — एक ओर विज्ञापनों में आवास योजना का प्रचार, दूसरी ओर जमीनी स्तर पर बुलडोजर।”

माकपा राज्य कमेटी सदस्य का. विमल भगोरा ने कहा कि “हमारी स्पष्ट मांग है — जहां चूल्हा, वहीं घर। जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उन्हें नीलामी की बजाय डीएलसी रेट पर प्राथमिकता से पट्टा दिया जाए। अगर सरकार वास्तव में गरीबों के हित में काम करना चाहती है, तो यही सही रास्ता है।”
भगोरा ने कहा कि लाल झंडा संवाद और सहानुभूति की राजनीति में विश्वास रखता है, राज की ताकत से नहीं।

माकपा शहर सचिव का. हीरालाल सालवी ने कहा कि माकपा सड़क से संसद तक गरीबों की आवाज बुलंद करेगी। उन्होंने कहा, “सरकार का काम लोगों को उजाड़ना नहीं, बसाना है। मगर यही सरकार अडानी जैसे उद्योगपतियों को एक रुपये गज के भाव पर हजारों एकड़ जमीन दे रही है, जबकि आम आदमी केवल सिर ढकने की जगह मांग रहा है।”

माकपा शहर कमेटी सदस्य का. शमशेर खान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक तरफ हर नागरिक को आवास देने की बात करते हैं, वहीं उनके अनुयायी गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला रहे हैं — यह दोहरा रवैया बंद होना चाहिए।

इसी क्रम में बलीचा क्षेत्र में भी गरीबों के मकान तोड़े जाने की घटना पर माकपा ने तीखा विरोध दर्ज कराया। मौके पर पहुंचे माकपा जिला सचिव राजेश सिंघवी ने कहा, “जिन लोगों ने गरीबों के आशियाने तोड़े, वही अब उनके हितैषी बन रहे हैं — यह तो वही बात हुई कि अपराधी ही जज और वकील बन बैठे।”
उन्होंने कहा कि “अगर जमीन गरीब के बाप की नहीं है, तो किसी और के बाप की भी नहीं — यह प्रकृति की देन है, जिस पर हर जीव का समान अधिकार है।”

राजेश सिंघवी ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि माकपा इस कठिन समय में उनके साथ है और आवास के अधिकार की लड़ाई में हर कुर्बानी देने को तैयार है।

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