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विवाह के 50 वर्ष पूर्ण करने वाले दंपतियों का सम्मान, भजनों व होली गीतों से सजा आयोजन

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24 News update उदयपुर। सामाजिक सरोकारों और आपसी जुड़ाव की भावना को सुदृढ़ करते हुए वाकल जैन परिषद उदयपुर द्वारा होली स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह नाईयों की तलाई स्थित तेरापंथ भवन सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में वाकल प्रांत से जुड़े उदयपुर प्रवासी समाजजनों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही और पूरे आयोजन में पारिवारिक आत्मीयता का वातावरण देखने को मिला।
परिषद के अध्यक्ष मोतीलाल पोरवाल ने बताया कि इस वर्ष का यह तीसरा स्नेह मिलन समारोह है, जिसे होली पर्व के साथ विशेष रूप से आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि गोगुन्दा तहसील के छोटे-छोटे गांवों से बड़ी संख्या में जैन समाज के व्यवसायी उदयपुर में आकर बस गए हैं और परिषद ऐसे सभी प्रवासी परिवारों को एक मंच पर जोड़ने का कार्य कर रही है।
समारोह का मुख्य आकर्षण उन दंपतियों का सम्मान रहा, जिन्होंने वैवाहिक जीवन के 50 वर्ष पूर्ण किए। इस अवसर पर फतहलाल पोरवाल, मोहनलाल पोरवाल, डॉ. करण तोतावत, दिलीप चौधरी, अम्बालाल सिंघवी, कालूलाल सिंघवी, मनोहर तोतावत, नंदलाल माण्डोत, सागरमल चपलोत, शांतिलाल पोरवाल, सम्पतलाल पोरवाल एवं डालचंद पोरवाल का उनके पुत्रों द्वारा मेवाड़ी पगड़ी, माला और उपरणा ओढ़ाकर सम्मान किया गया तथा आशीर्वाद लिया गया।
सांस्कृतिक रंगों से सजे इस आयोजन में उदयपुर के जैन समाज के प्रमुख भजन गायक पंकज भंडारी ने जैन भजनों एवं होली गीतों की प्रस्तुतियों से उपस्थितजनों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ नमस्कार महामंत्र के मंगलाचरण के साथ हुआ, जबकि स्वागत उद्बोधन अध्यक्ष मोतीलाल पोरवाल ने दिया।
कार्यक्रम में परिषद के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका भी सराहनीय रही। आयोजन को सफल बनाने में महामंत्री नरेंद्र सिंघवी, कोषाध्यक्ष मनोहर पोरवाल, सांस्कृतिक मंत्री दर्शन सिंघवी, मीडिया प्रभारी संजय सिंघवी, प्रकाश सांखला और प्रमोद चपलोत के योगदान के लिए अध्यक्ष द्वारा उपरणा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। वहीं संरक्षक चुन्नीलाल सांखला ने आभार व्यक्त किया और कार्यक्रम का संचालन डॉ. निशा सिंघवी ने प्रभावी ढंग से किया।
समारोह में समय से पूर्व पहुंचने वाले सदस्यों तथा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं के विजेताओं को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान डॉ. हेमंत, डॉ. विनोद और ललित पोरवाल ने अपने स्वर्गीय माता-पिता जसकरण-जतन देवी पोरवाल की स्मृति में संदेश देते हुए परिषद की निरंतर उन्नति की कामना की।

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