उदयपुर, 1 मई। माछला मगरा स्थित सीटू कार्यालय में गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस उत्साह एवं श्रमिक एकता के संकल्प के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सीटू के वरिष्ठ नेता हीरालाल सालवी द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक, पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीटू के जिलाध्यक्ष एवं पूर्व पार्षद राजेश सिंघवी ने कहा कि अमेरिका के शिकागो शहर में मजदूरों ने लंबे संघर्ष और बलिदान के बाद “8 घंटे काम, 8 घंटे आराम और 8 घंटे सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन” का अधिकार हासिल किया था। उन्होंने कहा कि मजदूरों के संघर्ष का यह इतिहास आज भी दुनियाभर के श्रमिकों को प्रेरणा देता है।
सिंघवी ने केंद्र सरकार पर श्रमिक विरोधी नीतियां लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के 44 श्रम कानूनों को बदलकर 4 श्रम संहिताएं लागू की गई हैं, जिससे मजदूरों के अधिकार कमजोर हुए हैं और श्रमिकों को असुरक्षा के माहौल में धकेला गया है। उन्होंने कहा कि पूंजीपतियों के हितों को प्राथमिकता देने वाली नीतियों से श्रमिक वर्ग पर संकट गहराया है।
उन्होंने कहा कि “बिना श्रम के पूंजी रद्दी के समान है और बिना श्रमिक के दुनिया श्मशान एवं कब्रिस्तान बन जाएगी।” श्रमिक ही समाज और अर्थव्यवस्था की असली ताकत हैं, लेकिन उन्हें उनके श्रम का उचित मूल्य अब तक नहीं मिल पाया है।
राजेश सिंघवी ने कहा कि दुनिया की बड़ी आबादी अपने श्रम को बेचकर जीवन यापन करती है, चाहे वह फैक्ट्री मजदूर हो, निर्माण श्रमिक, घरेलू महिला श्रमिक, डॉक्टर, वकील, व्यापारी, कर्मचारी या अधिकारी—सभी श्रम पर आधारित जीवन जीते हैं। उन्होंने श्रमिक एकता को मजबूत करने और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम में गुमान सिंह राव, ब्रजेश चौधरी, अजय तिवारी एवं मुनव्वर खान ने भी मजदूर दिवस के महत्व और श्रमिक अधिकारों पर अपने विचार व्यक्त किए। समारोह के दौरान श्रमिक हितों की रक्षा और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प भी लिया गया।

