24 News Update चूरू। उत्तर पश्चिम रेलवे ने बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए चूरू–सादुलपुर (58 किमी) रेलमार्ग का दोहरीकरण कार्य पूर्ण कर लिया है। इसके साथ ही दूधवाखारा–सादुलपुर (30 किमी) खंड भी डबल लाइन में तब्दील हो गया है, जिससे इस पूरे मार्ग पर रेल संचालन और अधिक तेज, सुगम और सक्षम हो सकेगा।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि महाप्रबंधक के निर्देशानुसार दूधवाखारा–सादुलपुर खंड का दोहरीकरण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस खंड को 28 अप्रैल 2026 को रेल संरक्षा आयुक्त द्वारा संचालन के लिए स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।
इस परियोजना की खास बात यह है कि चूरू–सादुलपुर रेलखंड का संपूर्ण दोहरीकरण, ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग और विद्युतीकरण सहित महज 2 वर्ष 3 महीने के रिकॉर्ड समय में पूरा किया गया है। इससे रेल लाइन की क्षमता (लाइन कैपेसिटी) और ट्रेनों की आवाजाही (मोबिलिटी) में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
परियोजना के तहत पांच स्टेशनों पर हाई लेवल प्लेटफॉर्म और तीन सब-वे का निर्माण किया गया है, जबकि ट्रैक को 130 किमी प्रति घंटे की गति के अनुरूप तैयार किया गया है। इस कार्य को वर्ष 2023-24 में 469 करोड़ रुपए की लागत से स्वीकृति मिली थी।
गौरतलब है कि इससे पहले चूरू–रतनगढ़ (43 किमी) रेलमार्ग का दोहरीकरण भी करीब दो वर्ष में पूरा किया गया था। लगातार दो वर्षों में दो महत्वपूर्ण रेलखंडों के डबल होने से उत्तर पश्चिम रेलवे की कार्यक्षमता और गति का स्पष्ट संकेत मिलता है।
रेल नेटवर्क को मिलेगा नया आयाम
रतनगढ़–चूरू–सादुलपुर मार्ग के पूर्णतः दोहरीकृत होने से यह कॉरिडोर राजस्थान, हरियाणा और उत्तर भारत के अन्य राज्यों के बीच एक महत्वपूर्ण तेज गति वाला रेल मार्ग बनकर उभरेगा। इससे न केवल ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि समय की बचत और संचालन की विश्वसनीयता भी बढ़ेगी।इस दोहरीकरण के बाद क्षेत्र में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे सीकर, बीकानेर, रेवाड़ी, हिसार सहित अन्य क्षेत्रों तक आवागमन आसान होगा। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, विशेष रूप से सालासर बालाजी और खाटूश्यामजी जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच सुगम होगी।
इसके अलावा छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी, वहीं बीकानेर संभाग में जिप्सम, लाइमस्टोन, खाद्यान्न और उर्वरक के परिवहन में भी तेजी आएगी। व्यापारिक और सामाजिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

