24 News Update उदयपुर। भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय एवं इंटर यूनिवर्सिटी एक्सीलेटर सेंटर (आईयूएसी) के संयुक्त तत्वावधान में भौतिकी एवं पदार्थ विज्ञान में उन्नत अनुसंधान के अवसर विषय पर एक दिवसीय परिचयात्मक कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय सभागार में किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता प्रो. रेणू राठौड़ ने की। उन्होंने अतिथियों का स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया। सम्मेलन निदेशक प्रो. रितु तोमर ने स्वागत उद्बोधन में कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। भौतिकी विभागाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र पारीक ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं शोधार्थियों को आईयूएसी की अत्याधुनिक शोध सुविधाओं, नवीनतम विकास एवं सहयोगात्मक अनुसंधान संभावनाओं से परिचित कराना है।
कार्यशाला के मुख्य संरक्षक प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने कहा कि परिवर्तन एवं नवाचार जीवन की गुणवत्ता में सुधार के साथ वैश्विक विकास को गति देते हैं। उच्च स्तरीय अनुसंधान ऊर्जा, स्वास्थ्य, संचार एवं प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी परिवर्तन लाता है तथा जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में सहायक सिद्ध होता है।
मुख्य अतिथि डॉ. संजय केडिया, वैज्ञानिक, आईयूएसी, नई दिल्ली ने एक्सीलरेटर एवं मैटेरियल साइंस रिसर्च पर विस्तृत जानकारी दी, जबकि विशिष्ट अतिथि डॉ. जी. आर. उमापथी ने एक्सीलरेटर न्यूक्लियर फिजिक्स विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सहसंरक्षक मोहब्बत सिंह राठौड़, वित्त मंत्री शक्ति सिंह कारोही, विप्रस सदस्य महेंद्र सिंह पाखंड, नवल सिंह चुंडावत, चंद्रवीर सिंह करेलिया, प्रो. प्रेम सिंह रावलोत, सेवानिवृत्त प्रो. के. पी. तलेसरा सहित संकाय सदस्य डॉ. विमल सारस्वत, डॉ. निकुंज जेतावत एवं सुरजीत सिंह उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन डॉ. प्रवीणा राठौड़ एवं डॉ. तन्वी अग्रवाल ने किया।
परिवर्तन और नवाचार से वैश्विक विकास को मिलता है बल — प्रो. सारंगदेवोत

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