उदयपुर। चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध एम.बी. अस्पताल, उदयपुर के ऑडिटोरियम में आज दिनांक 19.09.2026 को नर्सिंग छात्राओं एवं नर्सिंग फैकल्टी के लिए “सर्वाइकल कैंसर – रोकथाम में नर्स की भूमिका” विषय पर विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें अधीक्षक ने कहा कि सर्वाइकल कैंसर इतना भयानक हुआ जिसे वैक्सीन से बचाया जा सकता है तो आज बेटियों लगा कर कल मा को इस कैंसर से बचाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता अधीक्षक, एम.बी. अस्पताल द्वारा की गई। डॉ. सुमन ने बताया कि राजस्थान में हर साल 4000 से अधिक महिलाएं सर्वाइकल कैंसर से पीड़ित होती हैं, जबकि यह एकमात्र ऐसा कैंसर है जिसे वैक्सीन से 90% तक रोका जा सकता है। कार्यशाला के मुख्य बिंदु: आवश्यकता क्यों? (Need) भारत में हर 8 मिनट में एक महिला की मृत्यु सर्वाइकल कैंसर से होती है। कारण: HPV वायरस (Human Papilloma Virus) टाइप 16 और 18 एम.बी. अस्पताल में हर साल सैकड़ों केस आते, जिनमें 70% महिलाएं स्टेज 2 या 3 में आईं – यानी देरी से। एचपीवी वैक्सीन की खुराक (Dose Schedule) – भारत सरकार / WHO के अनुसारउम्र खुराक शेड्यूल9 से 14 वर्ष (सबसे प्रभावी) 2 डोज 0 और 6 महीने15 से 26 वर्ष 3 डोज 0, 1-2 महीने और 6 महीने27 से 45 वर्ष (डॉक्टर की सलाह पर) 3 डोज 0, 1-2 महीने और 6 महीने नोट: एम.बी. अस्पताल के टीकाकरण केंद्र (Immunization Centre) पर रोज सुबह 9 से 2 बजे तक वैक्सीन की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। दुष्प्रभाव (Adverse Events – AEFI) एवं निगरानी कैसे करें? अधीक्षक डॉ सुमन ने स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन दुनिया की सबसे सुरक्षित वैक्सीन में से एक है। सामान्य, हल्के दुष्प्रभाव (1-2 दिन में ठीक): इंजेक्शन वाली जगह पर दर्द, सूजन, लाली – 80% में हल्का बुखार, सिरदर्द, थकान – 10% में चक्कर आना – घबराहट से, टीके से नहीं निगरानी की विधि (Nurse द्वारा): टीकाकरण के बाद 30 मिनट तक लाभार्थी को ऑब्जर्वेशन रूम में बैठाना अनिवार्य। AEFI रजिस्टर में हर केस की एंट्री – तारीख, बैच नंबर, लक्षण, समय। यदि तेज बुखार >102°F, सांस लेने में तकलीफ, या बेहोशी – तो तुरंत कैजुअल्टी / MS को सूचित करें और Anaphylaxis Kit तैयार रखें। हर लाभार्थी को अगली डोज की तारीख का कार्ड देना। गंभीर दुष्प्रभाव की दर नगण्य – 10 लाख में से 1-2 केस। समाज और अस्पताल में नर्स की भूमिका (Role of Nurse) – सबसे महत्वपूर्ण अधीक्षक महोदय ने कहा – “डॉक्टर इलाज करता है, पर नर्स विश्वास दिलाती है। सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ लड़ाई नर्स के बिना अधूरी है।” नर्स की 5 भूमिकाएं तय की गईं: a) अस्पताल में – Counselor: Gynae OPD Room No. 12 में आने वाली हर 30+ महिला को Pap Smear के लिए समझाना। b) टीकाकरण में – Vaccinator: सही technique (Deltoid muscle, IM), cold chain (2-8°C) मेंटेन करना। c) समाज में – Educator: अपने गांव/मोहल्ले में 9-14 साल की हर बेटी की लिस्ट बनाना और माता-पिता को समझाना – “ये लेहंगे से बड़ा तोहफा है।” d) निगरानी में – Tracker: जिन लड़कियों ने पहली डोज ली, उनकी दूसरी डोज 6 महीने बाद लगवाना सुनिश्चित करना – फोन करके बुलाना। e) शर्म तोड़ने में – Role Model: खुद Pap Smear करवा कर और अपनी बेटी/बहन को वैक्सीन लगवा कर उदाहरण पेश करना। सभी नर्सिंग छात्राओं को *HPV जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई। कार्यक्रम में नर्सिंग अधीक्षक बीना चौधरी, जितेंद्र भटनागर, सी पी सिसोदिया, नर्सिंग प्रिसिपल रंजीत बैरवा150 नर्सिंग छात्राएं, समस्त फैकल्टी एवं रेजिडेंट डॉक्टर्स उपस्थित रहे, एन ए बी एच टीम ललित गंधर्व, सीमा चौधरी, दीपक, पीयूष, हंसराज उपस्थित थे। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation वीसी बोलीं—खबर गलत छापी, विद्यापीठ को बदनाम करने की कोशिश, कुलाधिपति ने प्रो. सारंदेवोत पर लगाए गंभीर आरोप— चांसलर ने कहा, जांच कमेटी ने धमकाया, प्रो. सारंगदेवोत के मामलों की क्यों नहीं की जांच, संस्थान की वित्तीय स्थिति चिंताजनक पैराडाइज लेक में 19 वर्षीय छात्रा की डूबने से मौत, परिजनों ने लगाए सवाल, थाने के बाहर प्रदर्शन