24 News Update उदयपुर। नीट-यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद शिक्षा जगत में लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। एमडीएस स्कूल एवं द रेडियंट एकेडमी के निदेशक डॉ. शैलेन्द्र सोमानी ने इस पूरे घटनाक्रम को देश की परीक्षा प्रणाली के लिए गंभीर चेतावनी बताया है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल एक परीक्षा को प्रभावित नहीं करतीं, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के विश्वास, मेहनत और मानसिक संतुलन पर भी गहरा असर डालती हैं।
डॉ. सोमानी ने कहा कि वर्षों की कठिन तैयारी, अनुशासन और त्याग के बाद विद्यार्थी नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा तक पहुंचते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होना ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षा व्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी निष्पक्षता होती है और जब उसी पर सवाल खड़े होने लगें तो पूरी चयन प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंपने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अब केवल दोषियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं होगी। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा सुरक्षा तंत्र को और मजबूत बनाना जरूरी है। प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली, डिजिटल निगरानी और परीक्षा केंद्रों की जवाबदेही को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित बनाया जाना चाहिए। डॉ. सोमानी ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह समय निराश होने का नहीं, बल्कि आत्मविश्वास बनाए रखने का है। मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और यदि परीक्षा दोबारा आयोजित होती है तो विद्यार्थियों को अपनी तैयारी व्यवस्थित रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश को ऐसी परीक्षा व्यवस्था की आवश्यकता है जिसमें पारदर्शिता, तकनीकी सुरक्षा और नैतिक जिम्मेदारी तीनों समान रूप से मजबूत हों, ताकि प्रतिभा का चयन केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर हो सके।
नीट-यूजी परीक्षा रद्द होना शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर संकेत : डॉ. शैलेन्द्र सोमानी

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