24 न्यूज अपडेट, अजमेर। अजमेर जिला उपभोक्ता आयोग ने ’बोरोप्लस’ एंटीसेप्टिक क्रीम को “विश्व की नंबर वन क्रीम” बताने के दावे को भ्रामक करार देते हुए निर्माता कंपनी इमामी लिमिटेड पर 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। साथ ही, भविष्य में इस प्रकार के अवैधानिक और गुमराह करने वाले दावों से बचने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश अजमेर के वकील एडवोकेट तरुण अग्रवाल की ओर से दायर याचिका पर दिया गया। अग्रवाल ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत की थी कि कंपनी बोरोप्लस की मार्केटिंग में “विश्व की नंबर वन क्रीम”, “भारत की नंबर वन क्रीम” और “भारत में सबसे अधिक बेची जाने वाली क्रीम” जैसे विरोधाभासी और तथ्यहीन दावे कर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रही है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने इस दावे पर आपत्ति जताते हुए कंपनी को लीगल नोटिस भेजा था, लेकिन इमामी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। उपभोक्ता आयोग में हुई सुनवाई के दौरान कंपनी के वकीलों ने सिर्फ यही कहा कि वर्ष 2017दृ18 में भारत में यह क्रीम सबसे अधिक बिकी थी, लेकिन “विश्व की नंबर वन क्रीम” कहने के लिए कोई अंतरराष्ट्रीय या स्वतंत्र प्रमाणपत्र पेश नहीं कर सके।
आयोग अध्यक्ष अरुण कुमावत, सदस्य दिनेश चतुर्वेदी और जय श्री शर्मा की पीठ ने 15 जुलाई को दिए गए अपने फैसले में कहा कि ’बेस्ट’, ’अमेजिंग’ जैसे सामान्य प्रचार शब्दों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन “विश्व की नंबर वन क्रीम” जैसे दावे बिना वैधानिक प्रमाण के स्वीकार्य नहीं हैं। यह भ्रामक विज्ञापन की श्रेणी में आता है और इससे उपभोक्ता हितों को नुकसान पहुंचता है।
आयोग ने कंपनी पर कुल 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जिसमें से 5 हजार रुपए वादी को कानूनी खर्चों के लिए तथा 25 हजार रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कंपनी को निर्देशित किया गया है कि वह भविष्य में विज्ञापन में सुधार कर ही प्रचार करे और ऐसे दावे दोबारा न करें जो किसी प्रमाण पर आधारित न हों।
’बोरोप्लस’ को “विश्व की नंबर वन क्रीम“ बताना पड़ा भारी, इमामी पर 30 हजार का जुर्माना

Advertisements
