कांग्रेस के राजसिंह झाला और भाजपा के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने भी भरा पर्चा, दोनों प्रमुख दलों की अधिकृत सूची का इंतजार उदयपुर, 12 अक्टूबर। पंचायतीराज चुनाव के तहत उदयपुर जिला परिषद में नामांकन प्रक्रिया के साथ राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को कांग्रेस और भाजपा से जुड़े कई प्रमुख चेहरों ने जिला परिषद सदस्य के लिए नामांकन दाखिल किए। कांग्रेस के पूर्व देहात जिलाध्यक्ष लालसिंह झाला ने वार्ड संख्या 2 से, जबकि कांग्रेस नेता राजसिंह झाला ने वार्ड संख्या 32 से पर्चा भरा। भाजपा के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान ने भी नामांकन दाखिल कर चुनावी मुकाबले में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उदयपुर जिला परिषद में कुल 47 वार्ड हैं। इन सीटों पर दावेदारी को लेकर दोनों प्रमुख दलों में हलचल बनी हुई है। खास बात यह है कि नामांकन प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद भाजपा और कांग्रेस ने अब तक अपनी अधिकृत प्रत्याशी सूचियां सार्वजनिक नहीं की हैं। हालांकि, संभावित उम्मीदवारों को पार्टी स्तर पर चुनाव लड़ने की सूचना दिए जाने के बाद नामांकन की तैयारियां तेज हो गई हैं। कुछ वार्डों में अंतिम दिन नामांकन दाखिल किए जाने की संभावना भी बनी हुई है। कांग्रेस नेता राजसिंह झाला ने वार्ड संख्या 32 से नामांकन दाखिल किया। पूर्व मंत्री उदयलाल आंजना के करीबी माने जाने वाले राजसिंह झाला के साथ वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे। नामांकन के बाद उन्होंने जिला परिषद में कांग्रेस का जिला प्रमुख बनाने का दावा किया। वहीं, लालसिंह झाला ने वार्ड संख्या 2 से अपनी दावेदारी पेश की। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, चिकित्सा, किसानों की समस्याओं और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात कही। दूसरी ओर, भाजपा के पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रगुप्त सिंह चौहान के नामांकन ने चुनावी गतिविधियों को और गति दी है। दोनों दलों के सामने अब प्रत्याशियों के चयन, स्थानीय समीकरणों और विभिन्न वार्डों में मजबूत दावेदारों को लेकर रणनीति तय करने की चुनौती है। इस बीच, उदयपुर देहात कांग्रेस के जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह मीणा ने भाजपा पर चुनाव में सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग और उम्मीदवारों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए। मीणा ने दावा किया कि कोटड़ा क्षेत्र में दो उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने पर धमकी दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उम्मीदवारों को तबादले और कर्मचारियों की सीआर खराब करने की धमकियां भी दी जा रही हैं। ये आरोप कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने लगाए हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। भाजपा का इस संबंध में पक्ष सामने आने पर उसे भी शामिल किया जाना चाहिए। जिला परिषद चुनाव में नामांकन के साथ ही राजनीतिक दावों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। अब निगाहें दोनों दलों की अधिकृत सूचियों और वार्डवार उम्मीदवारों की अंतिम तस्वीर पर रहेंगी। इसके बाद ही स्पष्ट होगा कि किन सीटों पर सीधा मुकाबला होगा और कहां टिकट को लेकर असंतोष या नए राजनीतिक समीकरण सामने आ सकते हैं। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading… Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत को ज्ञापन देकर रेलवे संबंधित कई समस्याओं पर किया ध्यान आकर्षित बिन्दिया टाक को मिली पीएच.डी. की उपाधि