24 News Update उदयपुर। उदयपुर में रहमत, बरकत और मगफिरत का पाक महीना रमजान पूरे रूहानी माहौल के साथ शुरू हो गया है। बीती रात कोटड़ा क्षेत्र से चांद दिखने की शहादत मिलने के बाद शहर में रमजान के आगाज की औपचारिक घोषणा की गई। इसके साथ ही मस्जिदों में देर रात तरावीह की विशेष नमाज अदा की गई और आज से रोजों की शुरुआत हो गई।शहर में बादलों के कारण शहर में चांद का दीदार नहीं हो सका था, लेकिन कोटड़ा से चांद दिखने की पुष्टि मिलने पर स्थिति स्पष्ट हुई। अंजुमन तालीमुल इस्लाम के सेक्रेटरी मुस्तफा शेख ने बताया कि 2026 बरोज बुध को माहे रमजानुल मुबारक का चांद देखने का एहतमाम किया गया, मगर बादल होने की वज़ह से उदयपुर व आस पास के इलाको में माहे रमजानुल मुबारक 1447 हिजरी का चांद नजर नही आया। 29वें चांद की शरई शहादत कोटडा छावनी से मिलने पर हिलाल कमेटी ने फैसला किया कि 19 फरवरी को रमज़ानुल मुबारक का पहला रोज़ा होगा। इस मौके पर कोऑर्डिनेटर मुफ्ती अली हुसैन साहब को-कोऑर्डिनेटर मुफ्ती अहमद हुसैन साहब, काजी मोहम्मद हामिद साहब, मौलाना मुसन्ना साहब, मौलाना सौबदार आलम साहब अन्जुमन नायब सदर फारूख कुरैशी, जॉईन्ट सैक्रेट्री इज़हार हुसैन, काबिना मेम्बर आदिल शेख, मोहम्मद शहज्जाद, फखरूद्दीन शैख, सैयद इरशाद अली, फिरोज़ बशीर खान, तौकिर मोहम्मद, तन्वीर चिश्ती, मोहम्मद अनीस अब्बासी, मोहम्मद अनीस रजा, इरशाद अहमद मौजूद थे।आपको बता दें कि रमजान केवल भूख-प्यास सहने का नाम नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सब्र और आत्ममंथन का महीना है। कुरआन शरीफ के नुजूल (अवतरण) की याद ताजा की जाती है। रोजा इंसान को अपने नफ्स पर काबू, गरीब-मिस्कीन की पीड़ा का एहसास और समाज में बराबरी का संदेश देता है। शहर की मस्जिदों में आज फजर से ही इबादत का विशेष माहौल नजर आया। घरों में सेहरी की तैयारियों के साथ-साथ इफ्तार के लिए भी लोग अभी से योजनाएं बना रहे हैं। उलेमाओं ने बताया कि रमजान में की गई इबादत का सवाब कई गुना बढ़ जाता है, इसलिए नमाज, तिलावत-ए-कुरआन, दुआ और सदक़ा-खैरात पर खास जोर दिया जाता है। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation जीवन विद्या शिविर, स्वयं को समझने का अवसर, 21 को परिचय वार्ता, 22 से 28 तक सात दिवसीय शिविर श्री संस्कार भवन ट्रस्ट की कार्यकारिणी गठित, भवन विस्तार को मिलेगी योजनाबद्ध रफ्तार