24 News Update उदयपुर। आदिवासियों के अधिकार, अस्तित्व और नीतिगत उपेक्षा के सवालों को लेकर उदयपुर एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। पूर्व सांसद बृंदा करात और त्रिपुरा विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता जितेन्द्र चौधरी 15 और 16 फरवरी को उदयपुर में आयोजित आदिवासी राष्ट्रीय अधिकार मंच की केंद्रीय समिति की दो दिवसीय बैठक में भाग लेंगे।
यह बैठक शहर की गुजराती समाज धर्मशाला में आयोजित की जा रही है, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आदिवासी प्रतिनिधि जुटेंगे। मंच के राज्य सचिव विमल भगोरा ने बताया कि बैठक में आदिवासियों से जुड़े जमीनी मुद्दों, लंबित मांगों और लगातार गहराती समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा आगे की आंदोलनात्मक रणनीति पर निर्णय लिए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि इस बैठक में मंच के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. पुलिन बास्के सहित देश के 15 राज्यों से आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले करीब 45 सदस्य भाग लेंगे। बैठक का उद्देश्य केवल विचार-विमर्श तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे आने वाले आंदोलनों की दिशा तय करने वाला मंच माना जा रहा है।
16 फरवरी को सेमिनार
बैठक के दूसरे दिन, 16 फरवरी को दोपहर 1 बजे “डबल इंजन की सरकार और आदिवासियों की स्थिति” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। सेमिनार को बृंदा करात, जितेन्द्र चौधरी और डॉ. पुलिन बास्के संबोधित करेंगे, जबकि इसकी अध्यक्षता भारत सरकार के पूर्व राजस्व अधिकारी भागचंद मीणा करेंगे।
आदिवासी मुद्दों पर मंथन के लिए उदयपुर में आएंगे बृंदा करात और जितेन्द्र चौधरी

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