24 News Update जयपुर। सरकारी दफ्तरों में फाइलें भले धीरे सरकती हों, लेकिन घूस की मांग अक्सर बिजली की रफ्तार से होती है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को उजागर हुआ, जब भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने पेंशन के नाम पर रिश्वत वसूल रहे पेंशन विभाग के AAO (द्वितीय) को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपी अधिकारी 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते ही एसीबी के जाल में फंस गया।
एसीबी महानिरीक्षक सत्येन्द्र कुमार ने बताया कि जयपुर नगर चतुर्थ एसीबी चौकी को एक शिकायत मिली थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां को पूरी पेंशन नहीं मिल रही थी। पेंशन संबंधी फाइल को आगे बढ़ाने के बजाय पेंशन विभाग में पदस्थ AAO राजेश कुमार खण्डेलवाल जानबूझकर अड़चनें डाल रहा था।
शिकायत के अनुसार, आरोपी अधिकारी ने पूरी पेंशन स्वीकृत करने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। इतना ही नहीं, पहले से लंबित एरियर जारी करने के बदले एरियर राशि का 10 प्रतिशत हिस्सा घूस के रूप में देने का दबाव भी बनाया जा रहा था। परेशान होकर परिवादी ने एसीबी का दरवाजा खटखटाया। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी ने ट्रेप की योजना बनाई। तय रणनीति के तहत परिवादी को रिश्वत की रकम के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही AAO राजेश खण्डेलवाल ने 10 हजार रुपए की रिश्वत ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।फिलहाल एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह भी खंगाला जा रहा है कि इस घूसखोरी में किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भूमिका तो नहीं रही। पेंशन जैसी संवेदनशील और मानवीय जरूरत से जुड़ी प्रक्रिया में रिश्वतखोरी का यह मामला एक बार फिर सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े करता है—जहां बुजुर्गों की पेंशन भी बिना “चढ़ावे” के आगे नहीं बढ़ती।
पेंशन की फाइल में घूस की स्याही: 10 हजार लेते ही एसीबी के जाल में फंसा AAO

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