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- 53 एटीएम कार्ड, 35 चेकबुक, 6 पासबुक, 9 सिम और 1.54 लाख रुपये नगद बरामद
24 News Update जयपुर 10 अप्रैल। झालावाड़ जिले की भवानीमंडी थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर बैंक खाता बेचने और खरीदने वाले 3 शातिर ठगों ललित राणा (22) निवासी रामनगर (खाता धारक), अजय विश्वकर्मा (25) निवासी रामनगर, भवानीमण्डी (तकनीकी एवं खाता प्रबंधन) एवं राजेश कुमार (43) निवासी पचपहाड़, भवानीमण्डी (मुख्य संचालक) को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में एटीएम कार्ड, चेकबुक और नकदी बरामद की है।
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के निर्देशन में झालावाड़ पुलिस ने साइबर अपराधों की जड़ पर प्रहार करते हुए एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो आमजन के बैंक खातों को लाखों रुपये में खरीदकर उनका इस्तेमाल करोड़ों की साइबर ठगी के लिए करते थे। पुलिस ने गिरोह के पास से 53 एटीएम कार्ड, 35 चेकबुक और 1.54 लाख रुपये नगद बरामद किए हैं।
यह गिरोह मुख्य रूप से ‘म्यूल अकाउंट’ का इंतजाम करता था। आरोपी फर्म के बैंक खातों को बड़ी रकम देकर खरीदते थे और फिर इन खातों में देशभर से साइबर ठगी का पैसा ट्रांसफर किया जाता था। तकनीकी विश्लेषण में सामने आया है कि इन खातों में देश के अलग-अलग राज्यों से जुड़ी कई साइबर फ्रॉड की शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
ऐसे हुआ गिरोह का पर्दाफाश
9 अप्रैल 2026 को थाना भवानीमंडी के एएसआई अखेराम को गोपनीय सूचना मिली कि ललित राणा नाम का युवक अपने खातों का उपयोग साइबर ठगी के ट्रांजैक्शन के लिए कर रहा है। पुलिस ने जब तकनीकी जांच की तो ठगी के बड़े जाल का खुलासा हुआ। इसके बाद एसपी अमित कुमार और एएसपी भागचंद मीणा के निर्देशन में भवानीमंडी थानाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी राजेश राठौर के कब्जे से 43 एटीएम कार्ड, 24 चेकबुक, 09 मोबाइल सिम और 1,54,800 रुपये की फ्रॉड राशि और अजय विश्वकर्मा के कब्जे से 10 एटीएम कार्ड, 06 बैंक पासबुक, 11 चेकबुक और ठगी में प्रयुक्त लैपटॉप बरामद किए।
इस बड़ी सफलता में थानाधिकारी प्रमोद कुमार, सउनि अखेराम और कांस्टेबल तेजेन्द्र सिंह की विशेष भूमिका रही। टीम में कांस्टेबल विकास, रवि दुबे और हरीराम भी शामिल थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस गिरोह के तार किन बड़े अंतरराष्ट्रीय या अंतर्राज्यीय साइबर ठगों से जुड़े हुए हैं।

