24 News Update उदयपुर। मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के तत्वावधान में विश्वविद्यालय वाणिज्य एवं प्रबंध अध्ययन महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के अंतर्गत वर्ष 2023 से संचालित बी.कॉम. पाठ्यक्रम की व्यापक समीक्षा के लिए “ऐकडेमिक रिव्यू मीटिंग–II” का आयोजन कुलगुरु प्रो. बी. पी. सारस्वत के सानिध्य में किया गया। बैठक में पाठ्यक्रम की प्रासंगिकता, गुणवत्ता और रोजगारपरकता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष एवं अधिष्ठाता प्रो. शूरवीरसिंह भाणावत ने बताया कि बैठक में विश्वविद्यालय के एनईपी नोडल अधिकारी एवं डीन पीजी स्टडीज़ प्रो. के. बी. जोशी, बहेरा विश्वविद्यालय, शिमला के कुलगुरु प्रो. के. के. दवे, जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर के प्रो. के. ए. गोयल, निरमा विश्वविद्यालय, अहमदाबाद के वाणिज्य संकाय के निदेशक प्रो. उदयलाल पालीवाल, महाविद्यालय के पूर्व अधिष्ठाता प्रो. जी. सोरल, प्रो. पी. के. सिंह, सुखाड़िया विश्वविद्यालय के प्रबंध संकाय के निदेशक प्रो. हनुमान प्रसाद, इंचार्ज हेड डॉ. देवेंद्र श्रीमाली, एसोसिएट डीन डॉ. शैलेंद्र सिंह राव एवं डॉ. शिल्पा वर्डिया सहित संबद्ध महाविद्यालयों के लगभग 25 प्राध्यापकों ने सक्रिय सहभागिता की।
बैठक में बी.कॉम. पाठ्यक्रम को वर्तमान वैश्विक, तकनीकी एवं औद्योगिक परिवर्तनों के अनुरूप अधिक प्रासंगिक और उद्योगोन्मुख बनाने पर विशेष बल दिया गया। इस दौरान लेखांकन एवं व्यवसायिक सांख्यिकी, व्यवसाय प्रशासन तथा बैंकिंग एवं व्यवसायिक अर्थशास्त्र विभागों द्वारा पृथक-पृथक सत्र आयोजित कर विषय विशेषज्ञों और विभिन्न सरकारी महाविद्यालयों के शिक्षकों के साथ विस्तृत समीक्षा की गई।
चर्चा के दौरान एनईपी के अंतर्गत पहली बार प्रारंभ किए गए प्रैक्टिकल पाठ्यक्रमों की उपयोगिता, उनके क्रियान्वयन में आ रही चुनौतियों तथा सुधार की संभावनाओं पर गंभीर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने डिजिटल अकाउंटिंग, डेटा एनालिटिक्स, फिनटेक, स्टार्टअप एवं उद्यमिता, स्किल-बेस्ड मॉड्यूल्स तथा केस-स्टडी आधारित शिक्षण को पाठ्यक्रम में और अधिक प्रभावी रूप से शामिल करने के सुझाव दिए।
विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों की रोजगारपरकता बढ़ाने के लिए इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, इंडस्ट्री इंटरैक्शन तथा मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच को पाठ्यक्रम का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया। साथ ही स्थानीय उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम को समय-समय पर अद्यतन करने पर सहमति व्यक्त की गई। महाविद्यालय प्रशासन ने सभी आमंत्रित विशेषज्ञों एवं प्राध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि इस समीक्षा प्रक्रिया के आधार पर तैयार किया जाने वाला संशोधित पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगार सृजन एवं समग्र व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। बैठक का संयोजन व्यवसाय प्रशासन विभाग के इंचार्ज डॉ. देवेंद्र श्रीमाली द्वारा किया गया तथा प्राप्त सुझावों के आधार पर संशोधित बी.कॉम. पाठ्यक्रम को अनुमोदन उपरांत शैक्षणिक सत्र 2026–27 से लागू किया जाएगा।
एनईपी-2020 के तहत बी.कॉम. पाठ्यक्रम की समीक्षा, उद्योगोन्मुख सुधारों पर मंथन

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