24 News Update उदयपुर. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP-2020) के क्रियान्वयन के तहत राजस्थान विद्यापीठ डीम्ड विश्वविद्यालय ने मल्टी-डिसिप्लिनरी विश्वविद्यालय के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है। अब विद्यार्थियों को एक ही छत के नीचे विविध शैक्षणिक धाराओं में प्रवेश की सुविधा मिलेगी। इस शैक्षणिक क्रांति के साथ ही विश्वविद्यालय आगामी सत्र से बी.फार्मा पाठ्यक्रम की शुरुआत कर रहा है।
यह जानकारी कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने सोमवार को प्रतापनगर स्थित कुलपति सचिवालय में आयोजित लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के अकादमिक कार्यकर्ताओं की बैठक में दी। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ अब देश के उन गिने-चुने संस्थानों में शामिल हो गया है जहां मेटा विश्वविद्यालय की अवधारणा पर कार्य प्रारंभ हो चुका है।
प्रो. सारंगदेवोत ने कहा, “विद्यापीठ कम से कम तीन स्थानीय विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग करेगा, जिससे विद्यार्थी एकाधिक संस्थानों के संसाधनों और पाठ्यक्रमों का लाभ उठा सकेंगे। वर्तमान में केवल दिल्ली विश्वविद्यालय ही ऐसा अभिनव प्रयोग कर रहा है।”
बी.फार्मा को मिली स्वीकृति
उन्होंने बताया कि प्रतापनगर परिसर में संचालित डी.फार्मा के साथ अब चार वर्षीय बी.फार्मा पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति प्राप्त हो गई है, जिससे स्वास्थ्य क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं को बड़ा लाभ मिलेगा।
प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ, सभी संकायों में नामांकन जारी
प्रो. सारंगदेवोत ने बताया कि नवीन सत्र के लिए सभी संकायों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। विद्यापीठ के अंतर्गत संचालित विभिन्न महाविद्यालयों और विभागों में शैक्षणिक एवं व्यवसायिक पाठ्यक्रम निम्नानुसार संचालित हो रहे हैं—
सामान्य शैक्षणिक पाठ्यक्रम:
एम.ए. (अंग्रेज़ी, अर्थशास्त्र, भूगोल, हिन्दी, संस्कृत, समाजशास्त्र, लोक प्रशासन, राजनीतिक शास्त्र, इतिहास)
एम.कॉम. (बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, एकाउंट्स, बैंकिंग और फाइनेंस)
बी.एससी., एम.एससी., ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र में डिप्लोमा/पीजी कोर्स
एम.ए. (योग), सांयकालीन योग डिप्लोमा
कानून एवं सामाजिक क्षेत्र:
बी.ए.-एलएल.बी., एल.ए.एम.
साइबर लॉ, फॉरेंसिक साइंस, लेबर लॉ में डिप्लोमा
एम.ए. सोशल वर्क, गाइडेंस व काउंसलिंग में डिप्लोमा
फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश भाषा में प्रमाणपत्र
डीसीए, पीजीडीसी, एमसीए, स्पोकन इंग्लिश, जीआईएस एवं रिमोट सेंसिंग पीजी डिप्लोमा
डी.फार्मा, बी.फार्मा, बी.एससी. नर्सिंग, जीएनएम, फिजियोथेरेपी, होम्योपैथी चिकित्सा
प्रबंधन एवं तकनीकी शिक्षा:
बीबीए, एमबीए, मार्केटिंग मैनेजमेंट डिप्लोमा
इंजीनियरिंग डिप्लोमा, पुरातत्व एवं संग्रहालय विज्ञान में डिप्लोमा
अन्य रोजगारोन्मुखी कोर्स:
बी.एड. (बाल विकास), बीएससी एग्रीकल्चर, कन्या महाविद्यालय में विविध पाठ्यक्रम
प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि सभी अकादमिक कार्यकर्ताओं को NEP 2020 के अनुरूप स्वयं को अपडेट करना होगा, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं नवाचारी शिक्षा का वातावरण प्रदान किया जा सके।
विद्यापीठ एनईपी-2020 के तहत बना मल्टी-डिसिप्लिनरी विश्वविद्यालय, नवीन सत्र से बी.फार्मा पाठ्यक्रम भी होगा प्रारंभ — प्रो. सारंगदेवोत

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