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अहमदाबाद प्लेन क्रैश के नाम पर ठगी का प्रयास : 10 करोड़ दिलाने का झांसा देकर मांगा पासपोर्ट, खाली स्टाम्प पर दस्तखत का दबाव बनाया, सीसीटीवी में हुए कैद

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24 News Update उदयपुर। अहमदाबाद प्लेन क्रैश में जान गंवाने वाले उदयपुर जिले के वरदीचंद मेनारिया के परिजनों के साथ ठगी की चौंकाने वाली कोशिश सामने आई है। खुद को सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा बताकर दो संदिग्ध लोग उनके घर पहुंचे और बोइंग कंपनी पर केस कर 8 से 10 करोड़ रुपये का मुआवजा दिलवाने का झांसा दिया। इसके एवज में मृतक का पासपोर्ट, फ्लाइट टिकट और खाली स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर की मांग की गई। शक होने पर परिजनों ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई।
वल्लभनगर थाना पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित परिवार ने उन लोगों का वीडियो भी मुहैया कराया है जो उनके घर पहुंचे थे। मृतक वरदीचंद के बेटे दीपक मेनारिया ने एफआईआर में बताया कि 17 जुलाई की रात उन्हें भूपेंद्र नामक व्यक्ति का कॉल आया। उसने खुद को सरकारी प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि “अहमदाबाद प्लेन क्रैश“ की केंद्रीय जांच टीम वेरिफिकेशन के लिए उनके घर आने वाली है। इसके लिए पासपोर्ट और फ्लाइट टिकट की कॉपी मांगी गई।
अगले दिन 18 जुलाई की शाम गुजरात नंबर की एक गाड़ी उनके घर पहुंची। उसमें सवार एक पुरुष और महिला ने खुद को सुप्रीम कोर्ट से जुड़ा बताते हुए केस करने की बात कही। उन्होंने वरदीचंद की पत्नी से मुलाकात कर केस के बदले करोड़ों रुपये मिलने का झांसा दिया।

कागजात मांगने लगे, फिर खाली स्टाम्प पर हस्ताक्षर का दबाव
दीपक ने बताया कि बातचीत के दौरान दोनों संदिग्धों ने पासपोर्ट, टिकट, और अन्य दस्तावेजों के साथ खाली स्टाम्प पेपर पर दस्तखत करवाने का दबाव बनाया। जब उनकी मां को संदेह हुआ तो उन्होंने तुरंत दीपक को फोन किया। इसके बाद कॉल और मैसेज के जरिए परिवार को धमकियां भी दी गईं।

परिजन सतर्क हुए, पुलिस में दर्ज कराया मामला
परिजनों ने ठगों की बातचीत का वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग जुटाकर वल्लभनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। थानाधिकारी दिनेश पाटीदार ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि ठग खुद को वकील बता रहे थे। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और उनकी पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

लंदन से लौटे थे वरदीचंद, एयर इंडिया ने घोषित किया था मुआवजा
गौरतलब है कि 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग ड्रीमलाइनर विमान का दर्दनाक हादसा हुआ था, जिसमें राजस्थान के 14 लोगों की मौत हुई थी। इनमें वल्लभनगर के रूंडेड़ा गांव निवासी 49 वर्षीय वरदीचंद मेनारिया भी शामिल थे। वे लंदन में कुकिंग का काम करते थे और हादसे से ठीक एक माह पहले ही भारत लौटे थे। उसी दिन बेटे और पत्नी ने उन्हें अहमदाबाद एयरपोर्ट छोड़ा था।
हादसे के बाद एयर इंडिया ने मृतकों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा की थी। इसी के बाद कुछ ठगों ने पीड़ित परिवार को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

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