24 News Update उदयपुर। जिस उम्र में अधिकांश लोग जीवन की उपलब्धियों को समेटने लगते हैं, उसी उम्र में उदयपुर-ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा ने फिर से परीक्षा कक्ष में बैठकर यह साबित कर दिया कि शिक्षा की कोई उम्र नहीं होती। 69 वर्ष की आयु में भाजपा विधायक फूलसिंह मीणा ने जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय से एमए (अधिस्नातक) अंतिम वर्ष की परीक्षा देकर समाज के सामने एक मिसाल कायम की है।
महज 15 वर्ष की उम्र में पढ़ाई से दूर हो चुके फूलसिंह मीणा ने करीब 40 वर्षों बाद दोबारा शिक्षा का सफर शुरू किया। इस संकल्प के पीछे उनकी जीवनसंगिनी शांतिदेवी और उच्च शिक्षित पांच बेटियों की प्रेरणा रही, जिन्होंने उन्हें दोबारा किताबों की ओर लौटने का हौसला दिया।
विधायक मीणा ने बताया कि स्वच्छ राजनीति, सुशासन और विकास के लिए शिक्षित जनप्रतिनिधि होना आवश्यक है। इसी सोच के साथ उन्होंने राजनीति को ही अपने अध्ययन का विषय चुना और मास्टर डिग्री हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया।
उन्होंने आगामी बोर्ड और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में बैठने वाले विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि राष्ट्रसेवा और मानव कल्याण के लिए संस्कारयुक्त एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है। चुनौतियों से डरना नहीं चाहिए और असफलता के कारण आत्महत्या जैसी प्रवृत्तियों को समाज से जड़ से समाप्त किया जाना चाहिए।
विधायक की शैक्षणिक यात्रा में सहयोगी रहे प्राचार्य संजय लुणावत ने बताया कि जनप्रतिनिधि होने की व्यस्त दिनचर्या के बावजूद विधायक मीणा क्षेत्र भ्रमण के दौरान कार में ऑडियो लेक्चर सुनते, नोट्स पढ़ते और निरंतर अध्ययन में जुटे रहते हैं। उनका जोश, जज्बा और अनुशासन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
लगातार तीसरी बार निर्वाचित विधायक फूलसिंह मीणा राजस्थान विधानसभा के स्पीकर पैनल के सदस्य हैं। वे विधानसभा की जनजाति कल्याण समिति के दूसरी बार सभापति भी हैं और आरएससीईआरटी की गवर्निंग काउंसिल में भी शामिल हैं। विधानसभा में सर्वाधिक प्रश्न पूछने वाले विधायकों में उनका नाम शतकवीर के रूप में दर्ज है।
राधास्वामी सत्संग के अनुयायी और बाबाजी गुरिंदर सिंह जी ढिल्लों के शिष्य विधायक मीणा अपनी फिटनेस, अनुशासित जीवनशैली और सादे ड्रेस कोड के लिए भी पहचाने जाते हैं। महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उनकी पहल उल्लेखनीय है। उदयपुर-ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की प्रत्येक पंचायत और वार्ड से कक्षा 10 और 12 में सर्वाधिक अंक लाने वाली छात्राओं को वे प्रतिवर्ष हवाई यात्रा से जयपुर ले जाते हैं। विधायक मीणा के अनुसार यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” अभियान से प्रेरित है। इस नवाचार के चलते हवाई यात्रा के लिए चयनित छात्राओं की संख्या तीन से बढ़कर अब हर वर्ष करीब 60 तक पहुंच चुकी है। इस पहल का सकारात्मक प्रभाव यह भी रहा है कि क्षेत्र में बाल विवाह की घटनाओं में कमी आई है और अभिभावकों में बेटियों की शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है। शिक्षा, संकल्प और समाजसेवा का यह सफर विधायक फूलसिंह मीणा को केवल एक जनप्रतिनिधि ही नहीं, बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा-पुरुष के रूप में स्थापित करता है।
69 की उम्र में फिर परीक्षा कक्ष में विधायक, फूलसिंह मीणा ने एमए फाइनल देकर रचा प्रेरणा का नया अध्याय

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