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नाथद्वारा श्रीनाथजी मंदिर में आषाढ़ी तौल सम्पन्न: वर्षा व पैदावार सामान्य रहने का संकेत, 350 वर्ष पुरानी परंपरा के अनुसार 27 वस्तुओं की तौल से किया गया कृषि और मौसम का पूर्वानुमान

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24 News Update नाथद्वारा, 11 जुलाई। पुष्टिमार्ग की प्रधान पीठ श्रीनाथजी मंदिर, नाथद्वारा में आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा के अवसर पर 350 वर्षों से चली आ रही परंपरा ‘आषाढ़ी तौल’ शुक्रवार को विधिवत सम्पन्न हुई। परंपरागत ढंग से की गई इस तौल प्रक्रिया के अनुसार इस वर्ष देश में सभी प्रमुख अनाजों की पैदावार और वर्षा सामान्य रहने का अनुमान जताया गया है।
श्रीजी के सान्निध्य में तौली गई 27 वस्तुएं
गुरुवार को श्रीनाथजी के खर्च भंडार में 27 प्रकार की धान्य एवं अन्य भौतिक सामग्रियां जैसे मूंग हरा, मक्का, बाजरा, ज्वार, तिल्ली, गेहूं, गुड़, काली-लाल मिट्टी, नमक और चारा को विशेष पात्रों में तौल कर संग्रहित किया गया था। शुक्रवार को श्रावण कृष्ण प्रतिपदा के दिन इन वस्तुओं को पुनः तौला गया और इनके भार में आई कमी-बढ़ोतरी के आधार पर कृषि, व्यापार, वर्षा और वायु प्रवाह के बारे में पूर्वानुमान निकाला गया। इस प्रक्रिया का संचालन श्रीनाथजी मंदिर के मुख्य पंड्या परेश नागर, खर्च भंडारी एवं अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
अनुमानित मौसम और पैदावार का संकेत
तौल के आधार पर इस वर्ष धान्य की पैदावार सामान्य बताई गई है। वर्षा भी संतोषजनक रहने का संकेत मिला है:
आषाढ़ में वर्षा — तीन आना
श्रावण — तीन आना
भाद्रपद — चार आना
आसोज — चार आना
वायु का रुख — पूर्व दिशा
यह भी अनुमान लगाया गया कि गुड़ में आधा रत्ती, जबकि मक्का, बाजरा, मोठ, मनुष्य, पशु एवं चारा में पाव-पाव रत्ती की घटोतरी होगी, जिससे संबंधित क्षेत्रों में थोड़ी कमी या मंदी का संकेत माना जा सकता है।
लोकमान्यता के अनुसार सटीकता
इस प्रक्रिया को स्थानीय समाज में अत्यंत विश्वसनीय और फलदायी माना जाता है। लोगों का मानना है कि आषाढ़ी तौल के ये पूर्वानुमान कई बार मौसम विभाग और सरकारी कृषि आंकड़ों से भी अधिक सटीक साबित हुए हैं।

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