24 News Update भीलवाड़ा। भीलवाड़ा में सोने-चांदी के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचते दाम अब व्यापारियों और ग्राहकों के बीच टकराव का कारण बनने लगे हैं। सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जिस तरह की घटनाएं सामने आई हैं, उसने पूरे व्यापार जगत को चिंता में डाल दिया है। हालात यहां तक पहुंच गए कि बुधवार को सर्राफा बाजार पूरी तरह बंद कर व्यापारियों को सड़कों पर उतरना पड़ा।
दरअसल, व्यापारियों का कहना है कि बीते दिनों जिन ग्राहकों ने पुराने भाव पर अपने सोने-चांदी के आभूषण बेचे थे, वे अब अचानक बढ़े नए रेट के हिसाब से दोबारा भुगतान की मांग कर रहे हैं। मामला यहीं तक सीमित नहीं रहा। कुछ महिला ग्राहक दुकानों पर पहुंचकर दबाव बना रही हैं और मना करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी तक दी जा रही है। व्यापारियों का आरोप है कि यह सब सुनियोजित तरीके से किया जा रहा है, जिससे बाजार का माहौल बिगड़ रहा है।
सर्राफा नवयुवक मंडल के अध्यक्ष मनोज सोनी ने बताया कि पिछले एक-दो महीनों में सोने-चांदी के भावों में अप्रत्याशित उछाल आया है। इस तेजी के चलते कई पुराने और परिचित ग्राहक अपने पुराने गहने बेचने बाजार आए, जिन्हें तत्कालीन बाजार भाव पर पूरा भुगतान किया गया। लेकिन अब कुछ लोग, जिनमें महिलाओं का एक समूह भी शामिल है, 15 से 20 दिन बाद फिर दुकानों पर पहुंचकर उसी बेचे गए माल को वापस लेने या नए रेट के अनुसार अतिरिक्त राशि की मांग कर रहे हैं।
व्यापारियों का कहना है कि जब वे नियमों और व्यवहारिकता का हवाला देकर मना करते हैं, तो उन्हें बदनाम करने और कानूनी कार्रवाई की धमकियां दी जाती हैं। महिला होने का फायदा उठाकर दबाव बनाया जा रहा है, जिससे छोटे व्यापारियों में डर और असुरक्षा का माहौल बन गया है। सवाल यह है कि अगर सौदा तय भाव पर पूरा हो चुका है, तो बाद में बदले हालात की जिम्मेदारी व्यापारी क्यों उठाए।
इन्हीं हालात से आक्रोशित होकर बुधवार को भीलवाड़ा का पूरा सर्राफा बाजार बंद रहा। एक भी दुकान नहीं खुली। बड़ी संख्या में व्यापारी एकत्र हुए, प्रदर्शन किया और जुलूस के रूप में जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
व्यापारियों ने प्रशासन को साफ संदेश दिया कि यदि इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगी और भविष्य में किसी भी सर्राफा व्यापारी के साथ ऐसा दुर्व्यवहार दोबारा हुआ, तो वे अपने स्तर पर फैसला लेने को मजबूर होंगे। यह चेतावनी अपने आप में बताती है कि बाजार में तनाव किस हद तक पहुंच चुका है।

