उदयपुर। अंजुमन तालीमुल इस्लाम, उदयपुर की ओर से आज सदर मुख़्तार कुरैशी के नेतृत्व में जश्न-ए-ईद-मीलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर राजस्थान में ड्राई डे घोषित करने की मांग को लेकर उदयपुर के आबकारी अधिकारी एस. सांगावत को मुख्यमंत्री के नाम एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन सौंपते समय सदर मुख़्तार कुरैशी ने बताया कि पैग़म्बर-ए-इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.अ.व.) की विलादत के इस मुबारक दिन पर पूरे प्रदेश में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए, ताकि इस पाक अवसर की रूहानियत और सम्मान बनाए रखा जा सके। उन्होंने कहा कि ड्राई डे की घोषणा से समाज के सभी वर्गों को त्योहार की गरिमा और धार्मिक भावना के अनुसार मनाने का अवसर मिलेगा। अंजुमन के सेक्रेटरी मुस्तफा शेख ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने पहले भी अन्य धर्मों के पवित्र त्योहारों पर ड्राई डे लागू किया है। जॉइंट सेक्रेटरी आर्किटेक्ट इज़हार हुसैन ने कहा कि इसी परंपरा और समानता के आधार पर इस्लाम के सबसे महत्वपूर्ण दिन जश्न-ए-ईद-मीलाद-उन-नबी पर भी ड्राई डे की घोषणा होना चाहिए। इससे सभी धर्मों के प्रति समान व्यवहार और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर अंजुमन के कैबिनेट सदस्य, जनरल हाउस के सदस्य और शहर के मुअतबर नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कैबिनेट मेंबर एडवोकेट मोहम्मद शेहज्जाद, इरशाद अहमद, जनरल हाउस मेंबर रियाज़ हुसैन, मोहम्मद ताहीर, अशफ़ाक़ हुसैन, उमर फ़ारूक़, नासिर हुसैन, हाजी प्यारा भाई, शाहिद हुसैन, उमर अशरफ़ी, नौशाद दीवान, अहमद ख़ान और इमरान ख़ान सहित समाज के अनेक प्रतिष्ठित लोग मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में इस मांग का समर्थन किया। अंजुमन तालीमुल इस्लाम ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मांग पर विचार करते हुए ईद-मीलाद-उन-नबी के दिन ड्राई डे घोषित करेगी, ताकि प्रदेश में धार्मिक आस्थाओं और सामाजिक भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित हो सके। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation आचार्य कल्प पुण्य सागर ससंघ का वर्षा योग कलश निष्ठापन एवं पिच्छीका परिवर्तन समारोह 25 जनवरी को स्विस किसानों ने देखा राजस्थान की खेती का जमीनी मॉडल, विद्यापीठ की कृषि पहल से हुए प्रभावित