24 News Update उदयपुर। नाई थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले वकील से हुई मारपीट का मामला मंगलवार को उदयपुर कोर्ट परिसर में जोरदार विरोध में बदल गया। गुस्साए वकीलों ने मौके पर पहुंच रहे डीएसपी गोपाल चंदेल की सरकारी गाड़ी को रोककर जबर्दस्त नारेबाजी की और आरोपी हैड कांस्टेबल पवन यादव के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।करीब एक घंटे तक वकील डीएसपी की गाड़ी के आगे खड़े रहे और किसी भी सूरत में रास्ता नहीं छोड़ने का ऐलान कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख डीएसपी चंदेल ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी एसपी योगेश गोयल को दी। दबाव बढ़ता देख नाई थाने के हैड कांस्टेबल पवन यादव को लाइन हाजिर करने का आदेश जारी किया गया। डीएसपी ने यह आदेश अपने मोबाइल फोन पर वकीलों को दिखाया, जिसके बाद माहौल धीरे-धीरे शांत हुआ और वे कोर्ट परिसर से निकल सके।पीड़ित वकील का आरोप — अपराधी की तरह पीटाएडवोकेट धर्मेंद्र धाबाई, निवासी हवाला, ने बताया कि 29 नवंबर की रात उनके भाई के रेस्टोरेंट पर कुछ असामाजिक तत्वों ने हंगामा किया। वे मौके पर पहुंचे तो उन पर पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। जान बचाकर वे थाने पहुंचे तो ड्यूटी पर मौजूद हैड कांस्टेबल ने उनसे बदसलूकी करते हुए थप्पड़ मार दिया और उल्टा उन्हें ही अपराधी बताकर फटकार लगाई। धाबाई ने कहा कि उन्होंने भी रिपोर्ट दी, लेकिन पुलिस ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की, जिससे वे आहत हैं।वरिष्ठ वकीलों का चेतावनी भरा बयानवरिष्ठ अधिवक्ता चेतनपुरी गोस्वामी ने कहा कि हाईकोर्ट पहले ही पुलिस को जनता से व्यवहार सुधारने की हिदायत दे चुका है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति नहीं बदल रही। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वकीलों के साथ ऐसी घटनाएं जारी रहीं तो कोर्ट परिसर में किसी भी पुलिसकर्मी को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। Share this: Share on X (Opens in new window) X Share on Facebook (Opens in new window) Facebook More Email a link to a friend (Opens in new window) Email Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp Like this:Like Loading... Related Discover more from 24 News Update Subscribe to get the latest posts sent to your email. Type your email… Subscribe Post navigation तेरापंथ की उद्गम स्थली केलवा पधारे तेरापंथ के सरताज आचार्य महाश्रमण देवास परियोजना तृतीय–चतुर्थ चरण को स्टेज–1 स्वीकृति, उदयपुर को मिला भविष्य का जल–सुरक्षा कवच पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की लगातार पैरवी लाई रंग