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सुपा में श्रद्धा-भक्ति का महासागर उमड़ा “एक शाम रूणिचा श्याम के नाम” विशाल भजन संध्या का भव्य आयोजन सम्पन्न

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24 News Update सुपा कस्बे में रैगर समाज की और से सत्संग में धर्म,भक्ति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला, जब “एक शाम रूणिचा श्याम के नाम” विशाल भजन संध्या का आयोजन अत्यंत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पूरा सूपा क्षेत्र भक्ति-रस में डूब गया और वातावरण जयकारों से गूंज उठा।
सूपा कस्बे में समस्त रैगर समाज की ओर से “एक शाम बाबा रामदेव जी के नाम” भव्य भजन संध्या का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ किया गया। आयोजन स्थल पर शाम ढलते ही दीपों की रोशनी, धूप-दीप और भजनों की मधुर स्वर-लहरियों ने आध्यात्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया।भजन संध्या में स्थानीय एवं बाहर से पधारे साधु संतों ने बाबा रामदेव जी की महिमा, भक्ति, चेतावनी और ईश्वर-स्तुति से जुड़े भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुतियाँ दीं। “रामसा पीर की जय” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए।कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी रही।आयोजकों द्वारा अतिथियों एवं साधु संतों का माला व साफा पहनाकर सम्मान किया गया। भजन संध्या के दौरान समाज में एकता, समरसता और संस्कारों को मजबूत करने का संदेश भी दिया गया।समस्त रैगर समाज सूपा के इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक एकजुटता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत किया।भजन संध्या का पावन मंच उस समय गौरव और प्रेरणा का केंद्र बन गया, जब दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय एसडीएम महेंद्र रैगर ने समाज के युवाओं को ओजस्वी उद्बोधन से संबोधित उन्होंने कहा कि भक्ति संस्कारों की नींव है और शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की कुंजी। यदि समाज का युवा शिक्षित, जागरूक और लक्ष्यनिष्ठ होगा तो कोई भी शक्ति समाज की उन्नति को रोक नहीं सकती। उनके विचारों ने युवाओं के मन में शिक्षा के प्रति नई चेतना, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का संकल्प भर दिया।
एसडीएम महेंद्र रैगर का यह संदेश भजन संध्या को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित न रखकर सामाजिक जागरण और शैक्षिक क्रांति का प्रेरक अभियान बना दिया।
रैगर समाज में जागृति का आह्वान, पीसीसी सदस्य सागर शर्मा ने दिया सशक्त संदेश
रैगर समाज के सामाजिक उत्थान और अधिकारों की रक्षा को लेकर पीसीसी सदस्य सागर शर्मा ने समाज में व्यापक जागृति पैदा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, संगठन और राजनीतिक भागीदारी ही समाज को आगे बढ़ाने के सबसे मजबूत स्तंभ हैं।
सागर शर्मा ने अपने उद्बोधन में युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और समाजहित में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि जब तक समाज संगठित नहीं होगा, तब तक उसके अधिकार और आवाज़ प्रभावी ढंग से नहीं पहुंच पाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि रैगर समाज को अपनी ऐतिहासिक पहचान और संघर्षों से प्रेरणा लेते हुए वर्तमान समय की चुनौतियों का सामना करना होगा। महिलाओं और युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने पर बल देते हुए उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने की जरूरत बताई!

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