24 News Update भीलवाड़ा। मांडलगढ़ के जंगल में 15 दिन के मासूम को जिंदा फेंक देने की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। बच्चे को रोने से रोकने के लिए उसके मुंह में पत्थर ठूंसकर फेवीक्विक से चिपका दिया गया था।
मवेशी चराने वाले की नजर बच्चे पर पड़ी तो उसने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया और मासूम को बिजौलिया उप जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद बच्चे को भीलवाड़ा हायर सेंटर रेफर किया गया।
बच्चा जंगल में तड़पता मिला
हेड कॉन्स्टेबल ने बताया कि बच्चा सीता का कुंड मंदिर के पास सड़क से सटे जंगल में मिला। पत्थरों के ढेर के पास बच्चे का मुंह फंसा हुआ था और वह तड़प रहा था। मवेशी चराने वाले ने तुरंत सहायता की और बच्चे को अस्पताल पहुंचाया।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस बच्चे को वहां कौन छोड़कर गया, यह पता लगाने के लिए ग्रामीणों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही मांडलगढ़ और बिजौलिया के हॉस्पिटल में हालिया डिलीवरी रिकार्ड की भी जांच की जा रही है।
डॉक्टरों की रिपोर्ट
बिजौलिया हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ ने बताया कि बच्चा लगभग 15दृ20 दिन का है। उसके मुंह पर फेवीक्विक के निशान और दाईं जांघ पर जलने के दाग पाए गए। बच्चे को दूध पिलाया गया और उसकी हालत को देखते हुए उसे भीलवाड़ा हायर सेंटर भेजा गया। इस घटना ने पूरे जिले में मानवता को शर्मसार कर दिया है और अधिकारियों को अलर्ट कर दिया है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए।
मानवता को शर्मसार करने वाली वारदातः 15 दिन के मासूम को जंगल में फेंका मुंह में फेवीक्विक लगाया

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