24 News update अहमदाबाद. देश के उड्डयन इतिहास के सबसे भयावह हादसों में से एक—एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171—ने गुरुवार दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी, लेकिन महज दो मिनट बाद ही मेघाणीनगर के घोड़ा कैंप स्थित आईजीपी कंपाउंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में अब तक 241 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
268 शवों का पोस्टमॉर्टम, 5 की पहचान
सिविल अस्पताल के कासोटी भवन में 268 शवों का पोस्टमॉर्टम किया जा चुका है। अब तक केवल 5 शवों की पहचान हो पाई है, जिन्हें परिजनों को सौंप दिया गया है। इनमें दो भावनगर और एक ग्वालियर के छात्र शामिल हैं। शवों की पहचान के लिए 250 से अधिक डीएनए सैंपल लिए जा चुके हैं।
अस्पतालों में परिजनों की भीड़, डीएनए जांच जारी
सिविल अस्पताल के बाहर 25 से अधिक एम्बुलेंस तैनात हैं। अस्पताल परिसर में परिजनों की भीड़ लगी हुई है, जो अपने प्रियजनों की पहचान और डीएनए सैंपल देने के लिए घंटों से इंतजार कर रहे हैं। कई परिवारों को अब तक कोई सूचना नहीं मिली है।
प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने किया दौरा
गृह मंत्री अमित शाह के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने करीब 15 मिनट अस्पताल में बिताए और 10 मिनट तक घायलों से मुलाकात की। पीएम ने हादसे में जीवित बचे एकमात्र व्यक्ति, 38 वर्षीय रमेश विश्वकुमार से भी मुलाकात की।
पूर्व मुख्यमंत्री रूपाणी भी थे विमान में
विमान में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक समेत कुल 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे। हादसे में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर भी प्रभाव पड़ा, जहां 50 इंटर्न डॉक्टर और स्टाफ की मौत हो गई।
लापता परिजनों की तलाश में महिलाएं, बच्चे
एक महिला, जो एक छात्रावास में खाना बनाने का काम करती थी, अपनी मां और भतीजे की तलाश में अस्पताल पहुंची। उसका कहना है कि उसके पति की 6 महीने पहले मौत हो चुकी है और अब वह अपने परिवार के दो और सदस्यों को खोने के डर से टूट चुकी है।
विधानसभा अध्यक्ष ने भी लिया जायजा
गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकर चौधरी ने भी बीजे मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल का दौरा किया और राहत कार्यों की समीक्षा की।

